
रायपुर/ जोगी परिवार को आदिवासी जाति मामले में बड़ा झटका लगा है। प्रदेश के पूर्व सीएम अजीत जोगी की बहू और अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सचिव डीडी सिंह की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने ऋचा जोगी के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसके मुताबिक ऋचा ने अपने पूर्वजों को गोंड जनजाति का बताया था।
समिति ने 16 पृष्ठ के फैसले में छानबीन समिति ने ऋचा जोगी का दावा खारिज करने के लिए विजिलेंस सेल की रिपोर्ट, ऋचा जोगी की ओर से दिए गए भूमि और शैक्षणिक दस्तावेज और उनके पुरखों के गांव के लोगों के बयानों को आधार बनाया है।
छानबीन समिति का निष्कर्ष है कि ऋचा जोगी अपने पुरखों के गोंड जनजाति का होने का दावा प्रमाणित नहीं कर पाईं। साथ ही उप पुलिस अधीक्षक को उनका जाति प्रमाणपत्र जब्त करने को भी अधिकृत किया गया है। बता दें कि उच्च स्तरीय जाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति इससे पहले ऋचा जोगी के ससुर और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का भी प्रमाणपत्र खारिज कर चुकी है।
गौरतलब है कि अजीत जोगी मरवाही से विधायक थे, लेकिन उनका निधन हो गया था। इस बीच जोगी परिवार से ऋचा जोगी को विधानसभा से जोगी कांग्रेस से टिकट मिला। मरवाही विधानसभा में उपचुनाव के लिए अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीट थी। इस वजह से मरवाही विधानसभा के उपचुनाव के लिए अमित जोगी और उनकी पत्नी ऋचा जोगी का नामांकन रद्द कर दिया गया था। उनको आदिवासी जाति छानबीन समिति ने गैरआदिवासी करार दे दिया था।







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