

डॉक्टर ममता सरूनाथ
चेहरे पर एक आत्मीयता भरी मुस्कान लिए , गांधी बाबा के दिखाए मार्ग पर चलने वाले, सीधे, सरल, सच्चे,सहृदय, सुरेशचन्द्र रोहरा जी, सिर्फ एक अखबार के संपादक ही नहीं, बल्कि हम सभी के दिलों में बसने वाले एक ऐसी शख्सियत हैं, जिसने छत्तीसगढ़ के कोरबा अंचल का नाम, पूरे भारत में रोशन किया है ।
लोक सदन अखबार ‘यथा नाम तथा गुण, को दर्शाता है और इसे चरितार्थ किया है अपने कुशल संपादन से आदरणीय सुरेशचन्द्र रोहरा जी ने। आपने अपने अखबार में देश के तमाम क्षेत्रों के चुनिंदा कलमकारों को न सिर्फ स्थान ही दिया वरन अपनी पारखी नजर का परिचय देते हुए समय-समय पर विशेष विशेषांकों के माध्यम से पाठकों के दिलों में भी अपना एक स्थान सुरक्षित किया है। यूं तो मेरी बहुत कम बातचीत हुई है रोहरा जी से लेकिन उन्होंने जब भी बात की बड़ी आत्मीयता से, ऐसा लगा मानो अपने किसी भाई, बड़े आत्मीय जन से बात कर रही हूं ।
गांधी बाबा के मूल्यों को समझने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने वाले रोहरा जी ने अपनी कलम का भी लोहा मनवाया है ‘कोयलांचल’ नामक धारावाहिक के माध्यम से उन्होंने जिस प्रकार कोयला खदान के मजदूरों के जीवन की व्यथा को उकेरा है, सचमुच सराहनीय है । रोहरानंद ‘चंदन घिसै’ के माध्यम से जिस प्रकार आप समय-समय पर समाज में हो रही गतिविधियों पर अपनी प्रतिक्रिया, आक्रोश व्यक्त करते हैं वह बेहद प्रशंसनीय है ।आपकी कविता ‘जूते'(शायद मैं नाम भूल रही हूं यदि गलत हो तो संपादक जी से क्षमा प्रार्थी हूं ।)के माध्यम से जिस प्रकार समाज के वर्ग विभाजन को शब्दांकित किया है बेहद प्रेरणादायक है। एक संपादक होने का आपने बड़े ईमानदारी से पालन किया है और तमाम देशवासियों के दिलों में अपना स्थान बनाया है। संपादक जी के मार्गदर्शन में मुझे जैसे तमाम कलाकारों को एक नई दिशा मिली है सभी को समय-समय पर अखबार में विशेष स्थान देकर जिस प्रकार आप सभी का मनोबल बढ़ाते हैं यह परिवार का एक कोई बड़ा ही कर सकता है। शायद यही वजह है कि हम सब आपको अपना बड़ा, आदरणीय, मार्गदर्शक और भी ना जाने किन-किन नामों से पुकारते हैं।
आज संपादक जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर ईश्वर से यही कामना है कि आप दीर्घायु हों और सफलता की राह में सदैव आगे बढते रहें ,यूँ ही गाँव-गाँव गांधी बाबा के आदर्शों को फैलाते रहें और हम सभी पर अपना स्नेह और आशीर्वाद बनाये रखें।







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