
तिल्दा नेवरा से निखिल वाधवा की रिपोर्ट-
तिल्दा/नेवरा/ नगर पालिका प्रशासन को दो माह पूर्व जानकारी दे दिया गया था पर कार्यवाही शून्य है अधिकारी की मनमानी और जनप्रतिनिधि की तानाशाही का भुगतान गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है ।
स्वच्छ देश व स्वच्छ नगर की राग अलापने वाले नगरपालिका प्रशासन की नाक के नीचे सुलभ शौचालय की दुर्दशा देख वह स्वयं कराह उठ रही है व स्वंय की दशा पर चिख चिख कर बंया कर रही है कि नगरपालिका प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के उदासीनता सुलभ शौचालय पर भारी पड़ गया है… कहने को तो आम नागरिकों के सुविधा के नाम पर नगरपालिका तिल्दा-नेवरा सुलभ शौचालय का निर्माण कर विकास के पन्नों पर एक और लकीर खींची है पर नगरपालिका द्वारा परोसी गई ये सौगातें आम नागरिकों के लिए कितना उपयोगी व महफूज है वह तो सुलभ शौचालय स्वयं की दशा पर व्यथित होकर बंया कर रही है ।
सुलभ शौचालय से संबंधित यह व्यथा कहीं और की नहीं है अपितु तिल्दा-नेवरा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 11 कोटा मार्ग की है जहां का बाहर का आवरण कुछ और ही तो अंदर की दशा कुछ और ही जाहिर कर रही है सुलभ शौचालय में नित्य कर्म के लिए अति उपयोगी माने जाने वाली पानी की विकट समस्या है लेकिन नगर पालिका प्रशासन इस मूलभूत समस्या कोअनदेखा कर अपने कर्त्तव्यों से विमुख हो रही है और हो भी क्यों नही वह तो शुलभ शौचालय को ठेकेदारी प्रथा के आग में झोककर अपने कर्त्तव्यों का इतिश्री कर दिया है ।
उपयोगिता विहिन सुलभ शौचालय के मामले पर संजीवनी रक्त दाता संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह चौहान ने बताया कि पानी की समस्या के चलते काफी लंबे समय से सुलभ शौचालय का उपयोग नहीं किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि यह स्थान काफी जन दबाव क्षेत्रो में से एक है कोटा , औद्योगिक क्षेत्र के मुख्य मार्ग में यह सुलभ शौचालय होने से जनदबाव रहता है इस सुलभ शौचालय की आवश्यकता पर गौर करते हुए अनेकों बार नगरपालिका प्रशासन जनप्रतिनिधियों को इस मामले से अवगत कराया जा चुका है लेकिन वे भी इन पर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं सुलभ शौचालय नाम का व देखने को रह गया है जहां महिला कर्मचारी चौकीदार के रुप में अपनी डयूटी निभा रही हैं …उनके अनुसार सुलभ शौचालय के बोर का जल स्तर गिर गया है ।
चौहान ने कहा कि इस मामले से नगरपालिका प्रशासन को अवगत कराते हुए वैकल्पिक ब्यवस्था के रूप में पानी टैंकर की मांग की गई लेकिन उन्होंने सुलभ शौचालय के ठेकेदार से चर्चा करने का हवाला देकर अपने कर्त्तव्यों से बचने का प्रयास किया है उन्होंने बताया कि नगरपालिका क्षेत्रान्तर्गत जितने भी सुलभ शौचालय है वे सभी ठेकेदारी प्रथा के अन्तर्गत चल रही है और सभी ठेकेदार बाहरी प्रवासी है जिन्हे शुलभ शौचालय की देखरेख में कोई रूचि नहीं है ।
उपयोगहीन सुलभ शौचालय के ठेकेदार के अनुसार विगत दो माह से बोर का जल स्तर गिर चुका है पानी की समस्या से नगर पालिका प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है लेकिन वे गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं चुंकि नगरपालिका क्षेत्र पहले से ही पेयजल की समस्या से जूझ रहा है गर्मी के मौसम में नगर मे टैंकर की माध्यम से पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही है ऐसे विषम परिस्थिति में सुलभ शौचालय में नित्य टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति संभव नहीं है ।
सुलभ शौचालय जो दो माह से उपयोग विहिन है इससे नगरपालिका प्रशासन को अवगत कराते हुए नल कनेक्शन जैसे वैकल्पिक ब्यवस्था की मांग की गई है इस विषय पर विचार विमर्श चल रहा है जल्द ही समस्या से लोगों को निजात दिलाया जावेगा:- अजय यादव (सुलभ शौचालय ठेकेदार)







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