
तिल्दा / नेवरा / वार्ड 16 के पार्षद विकास कोटवानी के सेवा भाव के जज्बे को देखकर लोग उसके जज्बे को सलाम कर रहे हैं..। शहर में पिछले एक महीने से भी अधिक दिनों से पालिका के नलों में पानी नहीं आने के कारण पानी के लिए लोगों में त्राहि-त्राहि मची हुई है।एक तरफ कोरोना का संक्रमण दूसरी तरफ पानी की समस्या आखिर लोग जाए तो जाए कहां..। ऐसे संकट की घड़ी में वार्ड 16 के पार्षद विकास कोटवानी तपती धूप और संक्रमण के बीच स्वयं पानी टैंकर लेकर वार्ड के गली मोहल्लों में पानी पहुंचा रहे हैं..।सुबह 9 बजे पहला पानी का टैंकर लेकर निकलते हैं उसके बाद उसका पानी पहुंचाने का सिलसिला निरंतर जारी रहता है..। अब तो मोहल्ले के हर छोटे बड़े बच्चे भी पार्षद को जानने लग गए हैं और जब ट्रैक्टर का हार्न बजता है तो बच्चे दौड़ कर अपने माता-पिता को बताते हैं पार्षद विकास पानी लेकर आ गया है.। पानी भरने वाले उन्हें दोनों हाथों से आशीर्वाद तो देते हैं लेकिन उन्हें दुख भी होता है । की पार्षद क्या पानी पहुंचाने के लिए चुना गया था।
वार्ड वासी पानी की समस्या को लेकर इतने परेशान है कि दो बाल्टी पानी के लिए उन्हें एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले जाना पड़ता है। लगातार कई दिनों तक नालों में पानी नहीं आया। मोटर पंप सुधारे जाने के बाद 2 दिन पानी जरूर आया लेकिन तीसरे दिन फिर नलों से पानी के बदले हवा निकलने लगी। पता चला फिर से मोटर पंप बिगड़ गया है। 3 दिन की मेहनत के बाद फिर से मोटर बनाया गया 1 दिन 10 मिनट के लिए पानी आया लेकिन.दूसरे दिन फिर मोटर बिगड़ गया और अब फिर से मोटर को सुधारा जा रहा है। लोग पानी के लिए पालिका प्रशासन को कोस रहे हैं.. पानी नहीं मिलने पूरा शहर टैंकरों के भरोसे हो गया है। जिनके पास खुद के घर में मोटर पंप लगे हैं वह लोगों को पानी देने से इसीलिए घबरा रहे हैं कि भीड़ होने पर कहीं संक्रमण न फैल जाए।पानी की समस्या से लोगों को कब निजात मिलेगी यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन वही भाजपा के शासन में 20 करोड़ की लागत से शुरू हुई पानी की योजना पर भी प्रश्न चिन्ह लग गया है।
दीनदयाल वार्ड क्रमांक 16 के वासियों को कहना है कि यदि पार्षद टैंकर लेकर नहीं आते तो पानी के लिए लोग तरस जाते..। इस बात से कहते नहीं थकते हैं कि पार्षद हो तो विकास कोटवानी जैसा हो…। जो हर दुख सुख में सामने खड़ा दिखता है..।


तिल्दा नेवरा से निखिल वाधवा की रिपोर्ट…







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