
बिलासपुर । महुआ शराब में आयुर्वेदिक सिरप मिलाकर पीने से सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के कोरमी गांव में चार युवकों की मौत हो गई। दो अन्य की हालत गंभीर है।
मौत के बाद परिजन सभी का शव कोरोना से हुई मौत बताकर अंतिम संस्कार कर रहे थे लेकिन इसी बीच पुलिस के पहुंच जाने से मामला सामने आया। सिरगिट्टी पुलिस ने बताया कि बुधवार की शाम उसे पता चला कि कोरमी गांव में एक साथ 4 लोगों के शव को जलाया जा रहा है। सबकी मौत की वजह कोरोना संक्रमित होना बताया जा रहा है। पुलिस ने जानना चाहा कि उनका किस अस्पताल में इलाज चल रहा था। तब पता चला कि वह किसी अस्पताल नहीं गए थे बल्कि सभी मौतें घर पर ही हुई है। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस गांव पहुंची।
जो चार मौतें हुई थी सभी एक ही परिवार के लोग हैं। पता चला कि कमलेश धुरी (32 वर्ष), अक्षय धुरी व राजेश धुरी (21 वर्ष) समारू धुरी (25 वर्ष), खेमचंद धुरी (40 वर्ष) और कैलाश धुरी (50 वर्ष) ने मंगलवार की शाम किसी झोलाछाप डॉक्टर से होम्योपैथिक सिरप का इंतजाम किया था। ज्यादा नशा करने के लिए उन्होंने इसे महुआ शराब में मिलाकर पी लिया। महुआ शराब की भी व्यवस्था इन्होंने आसपास से ही की थी। पीने के बाद सभी के सिर और पेट में दर्द होने लगा। दो लोगों की मौत मंगलवार की रात में हो गई, एक की बुधवार की सुबह और चौथे की दोपहर में मृत्यु हो गई। जानकारी के मुताबिक कमलेश और राजेश धुरी की रात में तथा अगले दिन सुबह अक्षय और दोपहर में समारू ने दम तोड़ा।
सिरगिट्टी पुलिस जिस समय जांच के लिए पहुंची, वहां शराब पीने वाले शेष दो लोगों कैलाश और खेमचंद धुरी की हालत गंभीर थी। उन्हें तत्काल इलाज के लिए जगमल चौक स्थित एक अस्पताल में भेजा गया लेकिन कोरोना टेस्ट के बगैर प्रबंधन ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक की पहल पर खेमचंद को ज्यादा गंभीर स्थिति देखते हुए अपोलो अस्पताल में दाखिला दिलाया गया। कैलाश का इलाज सिम्स चिकित्सालय में चल रहा है।
जानकारी मिली है कि झोलाछाप डॉक्टर से होम्योपैथिक सिरप ये लोग बीते कई दिनों से ले रहे थे। कल जो सिरप उन्होंने ली उसमें कोई लेवल नहीं लगा था। पुलिस ने कप सिरप की खाली शीशी को जब्त किया है। पुलिस ने एक झोलाछाप डॉक्टर से पूछताछ की है। ग्रामीणों से बयान लिया जा रहा है। अस्पताल में दाखिल दोनों लोगों से भी पूछताछ की जायेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जिले में 14 अप्रैल से लॉकडाउन के चलते हैं शराब की दुकाने बंद हैं। इस दौरान पुलिस ने कच्ची शराब की अवैध बिक्री और अंग्रेजी शराब की तस्करी के कई मामले दर्ज किए हैं।







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