
डॉ.सुबोध गौर का जन्म 2 मार्च 1956 को हरदा म.प्र. में हुआ था। मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त गौर जी सहा.यंत्री के पद पर रहते हुए छ.ग.वि.मं.कोरबा पूर्व से सेवा निवृत्त हुए। कोरबा में सृजनरत रहते हुए उनकी दस पुस्तकें प्रकाशित हुईं -पत्ते झरते रहे (ग़ज़ल संग्रह) , पलास के फूल (गीत सग्रह),परिधि से हटकर (काव्य संग्रह),खजूरों वाले साये (गीत संग्रह),अग्नि पिंड(काव्य संग्रह),रहनुमा(ग़ज़ल संग्रह),वाह भई वाह(गज़ल संग्रह),लोकतंत्र की तलाश(व्यंग्य संग्रह),बिना सींग के पड़वे (व्यंग्य संग्रह) एवं गुजरिया तू आ रे(गीत संग्रह)। सरल -सरल ,विनम्र एवं मिलनसार डॉ.सुबोध गौर का 28 नवंबर को हार्ट अटैक आने के कारण भोपाल में निधन हो गया। सुबोध गोर की देहावसान की खबर से कोरबा के साहित्य जगत में शोक व्याप्त है वरिष्ठ साहित्यकार नरेशचंद्र नरेश, सुरेशचंद रोहरा, डॉक्टर गुलाब राय पंजवानी घनश्याम तिवारी शिव दास महंत एवं सर्वोदय लेखक संघ के सभी लेखकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है







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