
कोरबा। बिलासपुर में पांचवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों को दोबारा परीक्षा दिलाए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले में शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है और जांच शुरू कर दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कोरबा ने ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल, कोरबा शाखा को नोटिस जारी कर मान्यता से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।जानकारी के अनुसार, ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत कक्षा पांचवीं और आठवीं के विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने के लिए कहा गया था। अभिभावकों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर से शिकायत की, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने सीबीएसई पैटर्न का हवाला देते हुए अपना पक्ष रखा। हालांकि, छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार दोबारा परीक्षा कराने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है।इस पूरे घटनाक्रम में पाठ्यक्रम को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है।

अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई कराई गई, लेकिन परीक्षा राज्य पाठ्यक्रम के आधार पर ली गई, जिससे students का भविष्य प्रभावित हो सकता है।इस मुद्दे पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने के निर्देश दिए हैं।बताया जा रहा है कि ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल पहले भी कई विवादों में घिर चुका है। स्कूल प्रबंधन पर पूर्व में भी विभिन्न आरोप लग चुके हैं, जिनमें स्कूल भवन निर्माण को लेकर उठे सवाल भी शामिल हैं। इन मामलों में जांच और कार्रवाई भी हुई थी, और मामला अदालत तक पहुंच चुका है।ताजा घटनाक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से 18 मार्च 2026 को स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सीबीएसई मान्यता से संबंधित सभी दस्तावेज तीन कार्य दिवस के भीतर कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या खुलासा होता है और छात्रों के भविष्य को लेकर प्रशासन क्या निर्णय लेता है।








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