हमारे भारत के त्यौहारों की विशेषता यह है कि यह सामाजिक एकता के अनुपम आदर्श हैं। इसी भाव के साथ प्राचीन काल से पर्व हम सभी मनाते चले आ रहे हैं। वर्तमान में पर्वो का यह शाश्वत भाव आज भी प्रचलन में है। हम देखते हैं कि आजीविका के लिए घर से दूर रहने वाले कई व्यक्ति त्यौहारों को अपने घर और समाज के साथ ही मनाता है। दीपावली के त्यौहार पर भी ऐसा ही स्वरुप दिखाई देता है। भारतीय आवागमन के साधनों में त्यौहारों पर बढ़ती भीड़ इसका साक्षात्कार भी करा रही है। वास्तव में भारतीय त्यौहार आज भी परिवार और समाज के एकत्रीकरण का ही त्यौहार है। दूर रहने वाले लोग भी त्यौहार के अवसर पर अपने घर जाकर ही त्यौहार मनाते हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि आधुनिकता वातावरण में भी दीपावली पर्व अपनी परंपराओं को जीवंत बनाए हुए है। देश की कई संस्थाओं द्वारा किए जाने वाले मिलन कार्यक्रम भी दीपावली को सार्थकता प्रदान कर रहे हैं। दीपावली का पावन पर्व पूरे देश में एक ही दिन मनाया जाता है, जो देश की सांस्कृतिक का दर्शन कराता है। यही विविधता में एकता का आदर्श है। एक बात और साथियों दीपावली पर आतिशबाजी चलाने की परंपरा भले ही पुरानी हो, लेकिन इस साल हालात बहुत कुछ बदले हुए हैं। कोरोना काल में पड़ने वाली दीपावली पर हम सब लोगों को जहां बीमारी से बचाव करना है वहीं पर्यावरण को भी बचाना है। कोरोना से बचने के लिए ही आतिशबाजी मुक्त दीपावली मनाने की जनहित में अपील की जा रही है।साथियों दिल्ली में कोरोना के केस के साथ प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है। कोरोना काल के दौरान प्रदूषण का बढ़ना लोगों के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक है, ऐसे में हमें अपना और अपनों का ख्याल रखते हुए ही दीपावली पर्व को मनाना होगा।
वहीं दूसरी तरफ दोस्तों दीपावली और छठ पर्व होने से मिलावट खोरी भी होने लगी है। इसके तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग भी सक्रिय हो गया है। इसकी टीम एक बार फिर सक्रिय हो गई है। शहर से लेकर गांवों तक खाद्य विभाग की टीम दुकानों पर छापेमारी करने निकल चुकी है, देखे तो चार दिनों से अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी की जा रही है, जिसमें मिठाई से लेकर चिप्स, पापड़ व तेल आदि के सैंपल लिए जा रहे हैं।त्योहारी सीजन आने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ज्यादा सक्रिय हो जाती है। 14 नवंबर को दीवाली का पर्व है। इस पर मिठाइयों की जमकर बिक्री होती है और मिलावट का खेल भी चलता है। खाद्य विभाग की टीम का डर इन मिलावट करने वालों पर नहीं है। विभाग के कुछ लोगों के इसमें शामिल होने का आरोप लगाया जाता है। आरोप लगाया जाता है कि जिस दुकान से पैसे मिलते रहते हैं उन दुकानों पर छापेमारी नहीं होती है। सुनने में आता है कि पैसे लेकर मामला दबा दिया जाता है। आखिर साथियों क्यों आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है?
दोस्त यदि विभाग सख्ती से पेश आए तो मिलावट का बाजार ही बंद हो जाए। इस मिलावट का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। खाद्य विभाग की टीम इसके लिए यदि हमेशा सक्रिय रहे तो यह स्थिति न आए। मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है, साथियों खाद्य पदार्थों में मिलावट करके नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने वाले लोग स्वस्थ समाज के सबसे बड़े दुश्मन है। मिलावटखोरों के हौसले को पूरी तरह से पस्त करने के लिए देशव्यापी सशक्त अभियान चलाकर समग्रता से कठोर कदम उठाने की जरूरत है। साथियों हम देखते हैं कि पर्व -त्योहारों के अवसर पर बाजार में मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों की भरमार रहती है, ऐसे में इनकी शुद्धता की जांच के लिए सघन और प्रभावी अभियान चलाया जाना जरूरी है। आज देश के कोने कोने में मिलावटखोरों का एक बड़ा नेटवर्क बन चुका है, जो कम समय में अधिक से अधिक धन कमाने के लालच में आम लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं, इन्हें ध्वस्त करना बहुत ही जरूरत हो गया है, आज एक तरफ वैश्विक महामारी का कहर दूसरी तरफ प्रदूषण का बढ़ता स्तर और तीसरी तरफ मिलावटखोर आखिर कैसे आम जनता के स्वास्थ्य की देखभाल किया जाए। साथियों आज सरकार के स्तर पर भले ही इस दिशा में व्यापक तौर पर पहल की जा रही है, लेकिन कहीं ना कहीं स्थानीय प्रशासन के स्तर पर निष्क्रियता के कारण समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। दूसरी तरफ गुणवत्तापूर्ण लैब और खाद्य विश्लेषकों की कमी एक अलग ही समस्या है, इन सभी समस्याओं के यथाशीघ्र समाधान के साथ ही सुरक्षा तंत्र को भी चुस्त-दुरुस्त करना जरूरी है। आप सभी से भी मेरा एक विनम्र निवेदन है साथियों की इस वैश्विक महामारी के दौर में अपना और अपनों का ध्यान रखते हुए ,त्योहारों का आनंद लें और साथ ही जो भी वंचित तबका आपकी नजरों में दिखे उन्हें अपने सामर्थ्य अनुसार जरूर मदद करने का प्रयास करें। हमें ऐसे दिए जलाने हैं कि इस धरा पर कहीं भी अंधेरा ना रह जाए, जो भी वंचित व परेशान दिखे उन्हें भरपूर अपने सामर्थ्य अनुसार मदद करने का प्रयास करें।।

विक्रम चौरसिया







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