
रिपोर्टर – अंजनी साहू सीपत। समीपस्थ मोपका में यादव परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ संगीतमय कथा के तृतीय दिवस श्रद्धा और भक्ति का विशेष वातावरण रहा। कथा वाचन करते हुए देवव्यास पंडित राजकुमार शर्मा ने कहा कि भगवान की भक्ति और सत्संग मनुष्य को योग्य एवं लायक बनाती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से सत्संग अवश्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भक्ति में अपार शक्ति होती है। भगवान जिसे बचाना चाहते हैं, उसे कोई मार नहीं सकता और जिसे भगवान मारना चाहें, उसे कोई बचा नहीं सकता। अतः जीवन में अहंकार त्यागकर प्रभु की शरण में जाना ही कल्याण का मार्ग है।कथा के तीसरे दिन पांचवें, छठवें और सातवें स्कंध का विस्तृत वर्णन किया गया। इस दौरान मनु-शतरूपा के पुत्र ध्रुव की अटूट भक्ति, प्रियव्रत की कथा, राजा भरत की जीवनगाथा तथा भक्त प्रह्लाद की भगवान विष्णु के प्रति अटूट श्रद्धा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। ध्रुव और सती माता की कथा सुनाकर पंडित शर्मा ने भक्ति, त्याग और समर्पण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में यादव परिवार के प्रमुख यजमान ओमप्रकाश कुमार, माया यादव, चोलाराम, रामेश्वरी यादव, भारती यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा।







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