

कोरबा। शहर के अशोक वाटिका स्टेडियम रोड पर रविवार को अचानक अफरा तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी में लदे कोयले से धुआं उठता नजर आया। कुछ ही मिनटों में धुआं आग की लपटों में बदल गया और इलाके में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गाड़ी कई घंटों से स्टेडियम रोड के किनारे खड़ी थी। शुरुआत में किसी ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन अचानक कोयले के ढेर से धुआं निकलता दिखा। देखते ही देखते आग भड़क उठी और गाड़ी के आसपास अफरातफरी का माहौल बन गया। राहगीर और आसपास के लोग दूरी बनाकर खड़े हो गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक मौके पर न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा और न ही संबंधित विभाग का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि नजर आया। स्थानीय लोगों में इसे लेकर नाराजगी साफ दिखी। लोगों का कहना है कि अगर आग ने विकराल रूप ले लिया होता तो पास से गुजर रहे वाहनों और आसपास की दुकानों को बड़ा नुकसान हो सकता था।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर सड़क किनारे कई घंटों से खड़ी कोयले से लदी गाड़ी पर निगरानी क्यों नहीं थी। क्या यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही थी। इलाके में चर्चा है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन घटना ने प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







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