
मां की मौत से बेटा को इतना सदमा लगा कि उसने कॉलेज जाना छोड़ दिया और गुमशुम रहने लगा। सदमा से नहीं उबरने पर बेटे ने तीन माह बाद आखिरकार जहर सेवन कर जान दे दिया।
घटना कोरबा जिले के हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम मोहरियामुड़ा की है। यहां निवासरत गनपत लाल मनहर अपनी पत्नी सिया बाई और पुत्र विक्रम कुमार मनहर 19 वर्ष के साथ निवासरत थे। उसका पुत्र बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। बताया जा रहा है कि गनपत की पत्नी सिया बाई का लंबी बीमारी के बाद 10 अक्टूबर 2025 को निधन हो गया।
मां से अत्यधिक लगाव होने की वजह से विक्रम टूट गया और अक्सर गुमसुम रहने लगा। उसने कॉलेज जाना भी बंद कर दिया। स्वजन ने काफी समझाइश देने का प्रयास किया, पर कोई फायदा नहीं हो सका। विक्रम की मानसिक स्थिति को देखते हुए स्वजन ने उसका डॉक्टरी इलाज भी कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
शुक्रवार की सुबह आखिरकार विक्रम ने चूहामार दवा का सेवन कर दिया। जब उसकि स्थिति बिगड़ी, तो घर में उपस्थित अन्य लोगों को जानकारी हुई। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया, पर उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर अस्पताल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम करा अंतिम संस्कार के लिए स्वजन को सौंप दिया।
विक्रम के पिता गनपत ने बताया कि विक्रम उनका इकलौता पुत्र था, उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। विक्रम बीए प्रथम वर्ष का छात्र था, लेकिन मां के निधन के बाद से वह कॉलेज भी नहीं जा रहा था और लगातार परेशान रहता था।







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