कोरबा | 13 जनवरी 2026कोरबा जिले में डीजल माफिया के हौसले एक बार फिर कानून को खुली चुनौती देते नजर आए। एसईसीएल की दीपका कोयला खदान में डीजल चोरी रोकने पहुंची CISF टीम पर माफिया के गुर्गों ने जानलेवा हमला कर दिया। डीजल चोरी कर भाग रहे आरोपियों ने कैंपर/बोलेरो वाहन से CISF जवानों को कुचलने का प्रयास किया और उनकी सरकारी जीप में जमकर तोड़फोड़ कर मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज घटना ने जहां खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं कोल माइंस में सक्रिय डीजल माफिया के बढ़ते आतंक को भी उजागर कर दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम दीपका थाना क्षेत्र का है। CISF निरीक्षक के.के. मधुकर ने घटना की रिपोर्ट दीपका थाने में दर्ज कराई है। बताया गया कि 11–12 जनवरी की दरम्यानी रात एसईसीएल की दीपका खदान में CISF के जवान सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान CISF के सहायक कमांडेंट पुष्पेन्द्र सक्सेना दीपका एरिया में नाइट चेकिंग कर रहे थे। रात करीब 1 बजे जवानों को सूचना मिली कि एक संदिग्ध सफेद बोलेरो (क्रमांक CG 12 BM 5447) एसीबी क्रॉसिंग से रेलवे साइडिंग की ओर जा रही है।सूचना मिलते ही CISF जवानों ने सहायक कमांडेंट पुष्पेन्द्र सक्सेना के नेतृत्व में डीजल चोरों की घेराबंदी कर वाहन को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान खदान से डीजल चोरी कर भाग रहे माफिया के गुर्गों का सामना CISF टीम से हो गया। जवानों द्वारा रोके जाने पर आरोपियों ने वाहन की रफ्तार और तेज कर दी और CISF जवानों को कुचलने का प्रयास किया। इस जानलेवा हमले में जवानों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। आरोपियों ने CISF की जीप को टक्कर मारते हुए खदान से बाहर की ओर भागने में सफलता हासिल कर ली।

CISF की गाड़ी में जमकर तोड़फोड़
एफआईआर के मुताबिक, घटना के बाद CISF जवानों ने सफेद बोलेरो का पीछा शुरू किया। इसी दौरान सूचना मिलने पर क्यूआरटी की बोलेरो जीप भी एसीबी बैरियर साइड से पीछा करने में शामिल हो गई। CISF ने आरोपियों की बोलेरो को खदान के बैरियर नंबर GN-08 के पास घेर लिया। तभी बोलेरो में सवार चार अज्ञात आरोपियों ने लोहे की रॉड से CISF की स्कॉर्पियो में जमकर तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं, ड्राइवर और CISF जवान प्रमोद कुमार पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला करने का भी प्रयास किया गया, जिसके बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीजल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने कोयला खदानों की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कब तक आरोपियों को पकड़कर डीजल माफिया पर लगाम कस पाते हैं।










Comments are closed.