
रायपुर। जैन समाज, अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के आराध्यों के खिलाफ अमित बघेल द्वारा की गई कथित अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी ने तीनों समाजों के करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई है। इस बयान के सामने आने के बाद प्रदेशभर में गहरा आक्रोश फैल गया है। समाजों का कहना है कि यह आस्था और सामाजिक मर्यादा पर सीधा हमला है।इसी गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय सामाजिक संस्था ‘जीएस सिंध सेवा संगम’ के प्रदेश उपाध्यक्ष बंटू रोहरा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को एक सख्त और प्रभावी पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि अमित बघेल के खिलाफ तत्काल कठोरतम कार्रवाई की जाए और उसके घर पर बुलडोजर चलाकर ऐसा उदाहरण पेश किया जाए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।बंटू रोहरा ने अपने पत्र में लिखा कि अमित बघेल की अभद्र टिप्पणी ने न केवल सिंधी समाज बल्कि देशभर के जैन और अग्रवाल समाज की भावनाओं को भी गहराई से आहत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के आराध्य देव, संत या महापुरुषों पर इस प्रकार की अशोभनीय टिप्पणी राष्ट्र की मर्यादा के खिलाफ है और ऐसा करने वाले को सख्त सजा मिलनी चाहिए।रोहरा ने स्पष्ट कहा कि अमित बघेल जैसे लोग समाज में नफरत का जहर घोलने का काम कर रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों पर तत्काल उदाहरणात्मक कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि प्रदेश और देश में शांति व सामाजिक सौहार्द बना रहे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उसके घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई पूरे प्रदेश में यह संदेश देगी कि धार्मिक आस्था का अपमान करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।घटना के बाद तीनों समाजों में तीव्र आक्रोश है और सभी वर्गों से एक ही आवाज उठ रही है — “आस्थाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं!”लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाओं पर तुरंत और कठोर कार्रवाई ही समाज में शांति बनाए रखने का एकमात्र उपाय है।बंटू रोहरा का यह पत्र तीनों समुदायों में न्याय की नई उम्मीद जगाता है और यह संकेत देता है कि भविष्य में धार्मिक सम्मान के विरुद्ध होने वाली गतिविधियों पर कड़ी रोक लगाई जाएगी।










Comments are closed.