
रायपुर, 26 अक्टूबर 2025। संवाददाता – दिनेश पात्र।राजधानी रायपुर में राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर हमला मानी जा रही एक बड़ी घटना ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। वीआईपी रोड स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति में अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ की गई। घटना की जानकारी मिलते ही छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के सदस्य मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया।इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल समेत कई सदस्यों को हिरासत में लिया। हालांकि पुलिस ने किसी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं की है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने इस घटना को छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान बताते हुए नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान एक सदस्य छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान में भावुक होकर रोने लगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिसने भी यह शर्मनाक कृत्य किया है, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना छत्तीसगढ़ की जनता और अस्मिता पर हमला है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं यह वही मानसिकता तो नहीं है जो शासन के कार्यक्रमों से छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीरें हटाती रही? उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार जनता के आक्रोश को अनदेखा करेगी, तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे।कांग्रेस ने बयान जारी करते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अस्मिता पर लगातार खतरा बढ़ा है। वहीं बजरंग दल ने अपराधियों का मुंडन कर जुलूस निकालने और 36 फीट ऊंची नई मूर्ति स्थापित करने की मांग की है।तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के संबंध में पुलिस ने बीएनएस की धारा 298 के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह धारा उन लोगों पर लगाई जाती है जो किसी वर्ग, धर्म या पूजा स्थल की पवित्र वस्तु को नुकसान पहुंचाते हैं। पुलिस ने बताया कि आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। एडिशनल एसपी ग्रामीण कीर्तन राठौर, सीएसपी रमाकांत साहू और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक पार्टी प्रदर्शन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि महतारी के सम्मान में गिरफ्तारी देना हमारे लिए गर्व की बात है।राजधानी में इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। लोगों में गुस्सा साफ नजर आ रहा है। हर एक छत्तीसगढ़िया अपने सम्मान और संस्कृति के प्रतीक महतारी की मूर्ति के अपमान को लेकर आक्रोशित है।छत्तीसगढ़ महतारी की जय! बात हे अभिमान के – छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के।










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