
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत थाने में उस वक्त हड़कंप मच गया जब थाना परिसर के टॉयलेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तस्वीर वाला “सुशासन तिहार” का पोस्टर लगा मिला। पोस्टर को शौचालय के टूटे दरवाजे की जगह अस्थायी रूप से लगाया गया था, लेकिन मामला सामने आते ही यह विवाद का विषय बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने थाना प्रभारी गोपाल सतपथी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने और उन्हें तत्काल हटाने की मांग की। हंगामे के बाद मौके पर सीएसपी निमितेश सिंह पहुंचे और भाजपाइयों से बातचीत कर मामला शांत कराया।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कदम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का अपमान है। उन्होंने कहा कि यह “जानबूझकर की गई हरकत” है और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने टीआई पर अवैध शराब बिक्री और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी को हटा दिया और उन्हें साइबर सेल भेज दिया। उनकी जगह साइबर सेल प्रभारी राजेश मिश्रा को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।
भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि थाना परिसर से लोकार्पण के दौरान लगाया गया शिलालेख हटा दिया गया है। उन्होंने इस पर जांच की मांग की है। भाजपा जिला ग्रामीण उपाध्यक्ष राज्यवर्धन कौशिक, मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा और कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं। डीएसपी ने कहा कि घटना की पूरी जांच की जा रही है और जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है और इसे जल्द सुलझाया जाना चाहिए ताकि ऐसे घटनाक्रम दोबारा न हों।







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