
– थाना सिविल लाइन रामपुर में महिला आरक्षक ज्योति यादव से मारपीट करने वाली आरोपिया इंदु चंद्रा उर्फ इंदिरा चंद्रा को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए न्यायालय उठने तक की सजा और ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया है।जानकारी के अनुसार आरोपिया अपने पूर्व प्रेमी से 3 लाख रुपए की उगाही के लिए बार-बार बलात्कार का झूठा आवेदन देती और रकम मिलने पर शपथ पत्र देकर शिकायत वापस ले लेती थी। पुलिस द्वारा झूठी रिपोर्ट दर्ज न करने पर 25 जुलाई 2022 की रात उसने थाने में हंगामा करते हुए महिला आरक्षक से मारपीट की थी। मामले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने धारा 186, 353, 332, 294 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन के साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपिया को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपीओ वाई.आर. जायसवाल ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कमलेश साहू उपस्थित हुए।
इस निर्णय से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह मामला उन महिलाओं के लिए भी सबक है जो झूठे आरोप लगाकर व्यक्तिगत स्वार्थ साधने की कोशिश करती हैं।







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