
कोरबा 05 सितंबर। लाख कोशिशों के बाद भी कटघोरा का वन विभाग हाथियों पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा है और वह लगातार उत्पात मचाकर ग्रामीणों के या तो घर को तोड़ रहे हैं या फसलों को पूरी तरह तहस-नहस कर दे रहे हैं जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है और वह कभी भी विस्फोटक रूप धारण कर सकता है।
जानकारी के अनुसार इन दिनों 52 हाथियों का दल कटघोरा वनमंडल में सक्रिय है। इनमें से 25 हाथी जहां केंदई रेंज के फुलसर तथा खरखड़ीपारा व बरकाबहरा के बीच जंगल में मौजूद हैं। जबकि 27 हाथी एतमानगर रेंज के रावाभाठा व मड़ई क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। हाथियों के दलों ने बीती रात उत्पात मचाकर रावाभाठा, फुलसर तथा बरकाबहरा में लगभग दो दर्जन ग्रामीणों के धान की फसल को रौंदने के साथ तहस-नहस कर दिया जिससे ग्रामीणों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। हाथियों के उत्पात से पीडित ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर वन विभाग का अमला आज सुबह मौके पर पहुंचा और रात में हाथियों द्वारा किए गए नुकसानी का आंकलन कर रिपोर्ट तैयार की। हाथी प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा लगातार सुरक्षा की गुहार वन विभाग तथा जिला प्रशासन से लगाई जा रही है लेकिन न तो वन विभाग ही ध्यान दे रहा है और न ही जिला प्रशासन। जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। उनके द्वारा आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है।







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