
कोरबा 31 अगस्त। बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। पिछली बार रिस्दी से बालको में शिफ्ट किये गए बाल सुधार गृह के शुभारंभ की रात ही दो बाल अपराधी रौशनदान तोड़कर फरार हो गए थे। दो माह के भीतर ही गृह को कोहड़िया स्थित भवन में शिफ्ट कर दिया गया। यहां भी दो दिन के बाद आज सबेरे 4 बाल अपराधी फरार हो गए हैं। ये सभी जांजगीर जिले के बताये जा रहे हैं।
बाल सुधार (संप्रेक्षण) गृह का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जाता है। कुछ माह पूर्व ही रिस्दी में किराये के भवन में संचालित बाल सुधार गृह में भारी अव्यवस्था देखने के बाद बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने विभाग को कड़ा पत्र लिखकर गृह को जल्द से जल्द से जल्द कहीं और शिफ्ट करने को कहा था। बता दें कि रिस्दी के इस भवन से भी कई बच्चे फरार हो चुके है और इनमें से कुछ तो अब तक पकड़ में नहीं आ सके हैं।
बाल आयोग अध्यक्ष के निर्देश पर नए भवन की तलाश शुरू हुई और सालों पहले बालको थाने के लिए बनाये गए भवन को इसके लिए चुना गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी द्वारा विभाग के फण्ड एवं डीएमएफ से मिली रकम से कुल 25 लाख रुपयों का इंतजाम किया और बालको द्वारा निर्मित इस बंद पड़े भवन का जीर्णोद्धार किया गया। इसके बाद रिस्दी से बच्चों को यहां शिफ्ट किया गया। जून के आखिरी सप्ताह में यह भवन शिफ्ट हुआ और उसी रात को दो बाल अपराधी बाथरूम का रौशनदान तोड़कर फरार हो गए है।
बाल सम्प्रेक्षण भवन को यहां शिफ्ट हुए दो महीने भी नहीं बीते थे कि कलेक्टर अजीत वसंत ने कोहड़िया में निर्मित होने के बाद से बेकार पड़े शासकीय भवन में जल्द से जल्द बाल सम्प्रेक्षण गृह को शिफ्ट करने का निर्देश दिया। फिर क्या था, जर्जर होते जा रहे इस भवन का ठेकेदार से जीर्णोद्धार कराया गया और यहां दो दिनों पूर्व शुक्रवार के दिन ही सम्प्रेक्षण गृह को शिफ्ट किया गया। विभाग की किस्मत इतनी खराब है कि यहां से दो दिनों के भीतर ही 4 बाल अपराधी बाथरूम का रौशनदान तोड़कर भाग निकले। यह घटना आज सुबह 7 बजे की बताई जा रही है।
कोरबा में संचालित बाल सम्प्रेक्षण गृह की अधीक्षक दुर्गेश्वरी पांडे है। जो भवन के शिफ्ट होने के दूसरे दिन ही छुट्टी पर चली गई थीं। दुर्गेश्वरी ने सफाई दी कि उनके मामाजी का देहांत हो गया था, जिसके चलते वे एक दिन पहले ही बिलासपुर आ गई थीं। घटना की सूचना मिलने के बाद वे कोरबा लौट रही हैं। नए भवन में भी सुरक्षा व्यवस्था में कमी के सवाल पर वह कुछ नहीं बोल सकीं। उन्होंने बताया कि गृह की सुरक्षा के लिए 3 शिफ्ट हेतु 3 सुरक्षा गार्ड रखे गए हैं।
पता चला है कि फरार सभी किशोर जांजगीर जिले के रहने वाले हैं और चोरी के मामले में चौथी बार बाल सम्प्रेक्षण गृह में लाये गए थे। वे आदतन अपराधी हैं और योजनाबद्ध ढंग से यहां के कमजोर रौशनदान की पहचान कर यहां से फरार हुए हैं।बता दें कि दो दिन पूर्व भवन की शिफ्टिंग के दौरान जिला बाल संरक्षण अधिकारी दयादास महंत यहां पूरे दिन मौजूद रहे और सारा इंतजाम करवाया। स्वाभाविक है कि इससे पूर्व जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश और महिला एवं बाल विकास अधिकारी गजेंद्र सिंह ने भी इस भाव का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का भी अवलोकन किया होगा। मगर इन्हें यहां की खामियां नजर नहीं आयी, यह आश्चर्य का विषय है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही कोरबा के बाल सम्प्रेक्षण गृह के अंदर बैठकर टीवी देख रहे बच्चों और जांजगीर के एक किशोर का वीडियो गाने के साथ इंस्टाग्राम में वायरल हुआ था। इसमें किशोर को डॉन की तरह दिखाया गया था। इस वाकये को लेकर भी होम्स और बाल विकास विभाग की जमकर किरकिरी हुई थी। इस मामले की प्रारंभिक जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि संभवतः यहां हाउस फादर के तौर पर काम कर रही महिला कर्मी सरिता बैरागी के मोबाइल से यह वीडियो बनाया गया था। उसके खिलाफ विधिवत कार्यवाही करने की बजाय उसे केवल जिला बाल संरक्षण इकाई में अटैच कर दिया गया है। बताया जाता है कि यह महिला अक्सर नशे में रहती थी और अपने कामकाज के प्रति भी लापरवाह थी।
बहरहाल 4 किशोरों के फरार होने की सूचना एसईसीबी चौकी पुलिस को दे दी गई है और भवन की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है।







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