
नई दिल्ली, 26 अगस्त (mediasession24.in)।आज सुहागिनों का सबसे बड़ा पर्व हरतालिका तीज मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। यह व्रत पति की लंबी आयु, वैवाहिक सुख और अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर पाने की कामना से किया जाता है।हिंदू पंचांग के अनुसार हरतालिका तीज की तिथि 25 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 26 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर व्रत और पूजा आज ही की जा रही है। सुबह 5 बजकर 56 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक पूजन का शुभ समय रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक और विजय मुहूर्त 2 बजकर 31 मिनट से 3 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। व्रत का पारण 27 अगस्त को सुबह 5 बजकर 57 मिनट पर किया जाएगा।हरतालिका तीज का व्रत बहुत कठिन माना जाता है क्योंकि इस दिन महिलाएं पूरे 24 घंटे तक बिना अन्न और जल के रहती हैं। प्रातःकाल स्नान कर महिलाएं साफ-सुथरे वस्त्र पहनती हैं और भगवान शिव, माता पार्वती तथा गणेश जी की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करके पूजा करती हैं। पूरे दिन भक्ति भाव से पूजा, आरती और कथा श्रवण किया जाता है।इस व्रत से जुड़ी मान्यता है कि कुछ कार्य इस दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए। व्रत रखने वाली महिलाओं को अन्न-जल का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन झूठ बोलना, क्रोध करना और किसी का अपमान करना वर्जित माना जाता है। पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता और व्रत के दौरान काले या नीले वस्त्र धारण करना अशुभ माना जाता है।सुहागिनों के लिए यह पर्व अपने पति की दीर्घायु और वैवाहिक सुख-समृद्धि का प्रतीक है, वहीं अविवाहित कन्याएं मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। पूरे देशभर में आज मंदिरों और घरों में भक्ति, श्रृंगार और पूजा-पाठ का माहौल है और महिलाएं शिव-पार्वती की आराधना में लीन हैं।









Comments are closed.