
कोरबा नगर निगम चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का मामला गरमा गया है। पूर्व राजस्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक 36, कोसाबाड़ी के डिंगापुर मतदान केंद्र की सूची में जिला कलेक्टर के सरकारी आवास (सी-2) पर चार-चार पूर्व कलेक्टरों के नाम दर्ज हैं, जबकि वे लंबे समय से यहां पदस्थ नहीं हैं।सूची में रानू साहू, मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, किरण कौशल और सौरभ कुमार के नाम मौजूद हैं। यही नहीं, उसी पते पर पूर्व डिप्टी कलेक्टर रुचि शार्दुल, अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया और कोषालय अधिकारी गौरीशंकर जागृति भी सक्रिय मतदाता के रूप में दर्ज हैं, जबकि फिलहाल यह आवास वर्तमान कलेक्टर अजीत बसंत के पास है।गड़बड़ियों का सिलसिला यहीं नहीं थमता — सूची में सालों पहले सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर बी.एस. मरकामऔर जिला खाद्य अधिकारी एच. मसीह के नाम भी मौजूद हैं। यहां तक कि बिलासपुर में रह रहा एक परिवार, पांच साल बाद भी कोरबा की मतदाता सूची में शामिल है।
पूर्व मंत्री अग्रवाल ने तंज कसते हुए कहा — जब जिला निर्वाचन अधिकारी अपने ही घर की मतदाता सूची सही नहीं कर पा रहे, तो पूरे जिले की सूची पर कैसे भरोसा किया जाए?” उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
रावत समाज की आवाज — केंद्र की OBC सूची में शामिल करने की मांग इसी बीच, झरिया यादव समाज ने कोरबा कलेक्टर को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने रावत उपजाति को केंद्र की पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल करने की मांग की। समाज का कहना है कि छत्तीसगढ़ में रावत जाति को OBC का दर्जा है, लेकिन केंद्र सरकार इसे सामान्य वर्ग में रखती है, जिससे समाज के लोग आरक्षण और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
- Sunil kumar rohra [ editor ]








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