
मशीन का सर्वर डाउन तो 6 बार हितग्राही लगा रहे अंगूठा, कैसे मिलेगा 3 महीने का चावल एक साथ – PDS MACHINE SERVER IS DOWN
बीपीएल परिवारों को मानसून में एक साथ तीन महीने का राशन दिया जा रहा है.
कोरबा: छत्तीसगढ़ सरकार जून के महीने में चावल उत्साव मना रही है. जिनकी मंशा यह है बीपीएल वर्ग के परिवार को बरसात के मौसम में बार-बार सरकारी राशन दुकान न आना पड़े और 3 महीने का चावल एक साथ प्रदान कर दिया जाए. जून के पहले 10 दिन पीडीएस दुकानों में नई ई-पॉस मशीन पहुंचने में लग गए. इसकी वजह से कई संचालकों ने राशन का वितरण नहीं किया गया. जिन दुकानों में किया गया. वहां भी प्रक्रिया में देरी की वजह से हितग्राही खाली हाथ लौट गए.
3 महीने का राशन कैसे मिलेगा: अब नया ई-पॉस मशीन मिलने के बाद हितग्राहियों के पास लगभग 1 सप्ताह का ही समय रह गया है. यदि जून महीने में 3 माह का चावल एक साथ प्राप्त नहीं किया गया, तो इस महीने के चावल का आवंटन लैप्स होने का खतरा है. नियमों के अनुसार 2 महीने का ही चावल मिल सकेगा. हालांकि इस विषय में पीडीएस दुकान संचालक विस्तृत दिशा निर्देश का इंतजार कररहे हैं. जटिल व्यवस्था और भीड़ अधिक होने का खामियाजा हितग्राहियों को भुगतना पड़ सकता है.
मशीन की रफ्तार है काफी धीमी (
जिले में 553 दुकान, प्रक्रिया है जटिल: कोरबा में शासकीय उचित मूल्य (पीडीएस) की 553 दुकानों से तीन लाख 14 हजार हितग्राहियों को राशन वितरण किया जाता है. लेकिन इस बार नए ई-पॉस मशीन ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. पहले तो नए ई-पॉस मशीन के अभाव में कई दुकान संचालकों ने राशन का वितरण नहीं किया. वहीं जिन दुकानों ने राशन वितरण किया वो मोबाइल पर ओटीपी व्यवस्था से लोग परेशान हुए. ओटीपी आने में देरी और बार-बार अंगूठा लगाने की वजह से अधिकांश हितग्राही पीडीएस दुकान ही नहीं पहुंचे. औसतन एक हितग्राही को नई व्यवस्था के बाद चावल प्रदान करने में कम से कम 10 अधिकतम 20 से 25 मिनट का समय लग रहा है. जिसके कारण कई हितग्राही बिना राशन के ही वापस लौट गए. 15 जून से दुकानों में नया ई-पॉस मशीन लग गया है.
जिले में 553 दुकान (
अब तक कई दुकानों में पर्याप्त भंडारण नहीं: चावल उत्सव के तहत इस माह प्रत्येक हितग्राहियों को तीन माह का चावल विरतण एकसाथ किया जा रहा है. जटिल प्रक्रिया से जूझने के साथ ही और भी समस्याएं हैं. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से पीडीएस दुकानों में चावल का पर्याप्त भंडारण नहीं किया गया है. इसकी वजह दुकानों में पर्याप्त भंडारण और ट्रांसपोर्टिंग को बताया जा रहा है. हालांकि विभाग का दावा है कि पीडीएस दुकानों में चावल खत्म होने के पहले ही संचालकों की सूचना पर चावल का भंडारण किया जा रहा है.
अब तक कई दुकानों में पर्याप्त भंडारण नहीं (
उठाव नहीं होने पर लेट हो जाता है उस महीने का आवंटन लैप्स: पूर्व में हुई गड़बड़ी और अफरा-तफरी के बाद पीडीएस दुकानों से चावल वितरण के संबंध में कई नियम बनाए गए हैं. नियमानुसार किसी ही हितग्राही को यदि वर्तमान महीने का राशन प्राप्त नहीं हुआ, किसी कारण उसने वर्तमान महीने के राशन का उठाव नहीं किया, तो इस राशन को वह महीना बीत जाने के बाद अगले महीने प्राप्त नहीं कर सकेगा. पिछले महीने का चावल लैप्स हो जाएगा, इसका मतलब यह हुआ की जून महीने में यदि हितग्राही 3 महीने का चावल प्राप्त नहीं कर पाए और वह 1 जुलाई को पहुंचे तो उन्हें जून महीने का आवंटन नहीं मिल सकेगा. उन्हें जुलाई और अगस्त का ही चावल मिलेगा. इस नियम के अनुसार उन्हें 2 महीने का ही चावल मिलेगा, एक महीने के चावल का आवंटन लैंप्स हो जाएगा और इससे उन्हें हाथ धोना पड़ेगा. ई पॉस मशीनों का देर से आना और मशीन के संचालन में जटिलता होने का नुकसान हितग्राहियों को उठाना पड़ सकता है. हालांकि इस दिशा में अभी स्पष्ट दिशा निर्देश का इंतजार किया जा रहा है.
लेट हो जाने पर उस महीने का आवंटन लैप्स (
चावल के लिए घंटों से कर रहे इंतजार: मानिकपुर की सहकारी दुकान पहुंची अर्चना पटेल ने बताया कि नई ई पॉस मशीन के आने के बाद चावल लेने में काफी समय लग रहा है, इस बार नई मशीन आई है. जिसमें काफी समय लग रहा है. पीडीएस दुकान संचालक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने में देर हो रही है. जिससे काफी समय लग रहा है. सुबह से आई हूं, लगभग चार से पांच घंटे हो चुके हैं. लेकिन अभी तक चावल मिला नहीं है.
चावल के लिए घंटों से कर रहे इंतजार ()
तीन दिन लगातार चक्कर काटने के बाद मिला चावल: पीडीएस दुकान पहुंचे एक और हितग्राही गोवर्धन सिंह राठौर ने बताया कि एक दिन में 20 लोगों को ही चावल मिल पा रहा है. कई बार अंगूठा लगाना पड़ रहा है, सर्वर काफी डाउन है. जिससे परेशानी हो रही है. मैने 3 दिन तक लगातार चक्कर लगाया, आज सर्वर डाउन है. कल आओ कल भी नहीं हुआ तो फिर परसों आओ. इस तरह से तीसरे दिन मुझे चावल मिल सका है.
मशीन की रफ्तार है काफी धीमी: पीडीएस दुकान संचालक मूलचंद आजाद ने बताया कि एक दिन में मैं 20 से 40 कार्डधारी को ही चावल वितरण कर पा रहा हूं. पहले संख्या ज्यादा थी, जैसे ही दुकान खोलते हैं. लोगों की भीड़ लग जाती है, 100 से भी ज्यादा लोग आ जाते हैं. लेकिन हम जिन्हे चावल दे सकते हैं. सिर्फ उनके ही कार्ड जमा करते हैं. पहले सबके कार्ड जमा कर लेते थे, सबको बारी बारी से चावल मिल जाता था. लेकिन अभी मशीन की रफ्तार काफी धीमी है, इसके कारण सभी को चावल नहीं मिल पा रहा. मशीन मिलने में भी हमें काफी देरी हुई, जिसके कारण 3 महीने के चावल को एक साथ बांटने में देरी हुई. मशीन की रफ्तार काफी कम है. जिसके कारण जून के अंत तक सभी हितग्राहियों को 3 महीने का चावल एक साथ दे पाना मुझे तो संभव नहीं लग रहा है.
ब्लॉकवार हितग्राही परिवारों की संख्या
पाली
बीपीएल – 56977
एपीएल – 8353
टोटल – 59747
कटघोरा
बीपीएल – 29102
एपीएल – 3409
टोटल- 32511
कोरबा
बीपीएल – 44190
एपीएल – 2238
टोटल – 46428
पोड़ी-उपरोड़ा
बीपीएल – 52251
एपीएल – 1707
टोटल – 53958
करतला
बीपीएल – 46176
एपीएल – 2238
टोटल – 48209










Comments are closed.