
■ आधुनिक समय काल में चुनौतियों से आमने-सामने है पत्रकारिता- शिक्षा विद जैकब
■ लोक सदन लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का कर रहा निर्वहन -रोहरा
■ देश दुनिया में संघर्ष का नाम है पत्रकारिता — कमलेश

कोरबा/ हिंदी की पत्रकारिता समाचार पत्र चुनौतियों से घिरे हुए हैं जिस तरह महाभारत में अभिमन्यु चक्रव्यूह में घिरा हुआ था और एक वीर योद्धा की तरह अपनी भूमिका अदा कर रहा था हिंदी की हमारी पत्रकारिता भी कुछ इसी सदृश चुनौतियों का सामना कर रही है। आधुनिक समय काल में चुनौतियों से आमने-सामने है हमारे देश की पत्रकारिता उक्त आशय के विचार शिक्षा विद निकिता जैकब ने आज व्यक्त व्यक्त किए । औद्योगिक नगर कोरबा से प्रकाशित दैनिक लोक सदन समाचार पत्र की स्थापना दिवस के परिप्रेक्ष्य में आज नगर के कमला नेहरू महाविद्यालय निकट माध्यमिक विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

जिसमें विद्वान शिक्षकों ने अपने विचार रखें। संपादक सुरेशचंद रोहरा ने इस अवसर पर अपने महर्षि संबोधन में कहा कि दैनिक लोक सदन समाचार पत्र कोरबा से प्रकाशित होता है और अपने दायित्व का निर्वहन कर रहा है यह समाचार पत्र ही होता है जो समाज का आईना है और समाज देश दुनिया में घटित घटनाओं के बारे में लोगों को जानकारियां देता है मगर आज चुनौतियां बढ़ती चली जा रही हैं जिनका सामना सास और हौसले के साथ हमें करना है। शिक्षा जगत का एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर कमलेश महोबिया ने इस अवसर पर अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि पत्रकारिता की चुनौतियां चाहे जितनी भी हो यह पत्रकारिता ही है जो समाज को आइना दिखाती है और एक तरह से समाज के आगे आगे मसाला लेकर चलने का काम करती है। अंचल के लोकप्रिय शिक्षक गोविंद श्रीवास ने अपने संबोधन में कहा – कहा जाता था – खींचो ना तीर कमान से ना तलवार निकालो ,जब तोप मुकाबला हो तो अखबार निकालो। इसलिए चाहे चुनौतियां कितनी भी हो हमारे देश के समाचार पत्रों के पत्रकार देश में अपनी भूमिका एक सैनिक की तरह निभा रहे हैं जिसकी हम तारीफ करते हैं।

इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं में भी अपने विचार व्यक्त की एक छात्र दीपक कुमार केंवट ने कहा – स्थापना दिवस पर लोक सदन अखबार को हमारी शुभकामनाएं यह समाचार पत्र हमें दुनिया की खबर देता है। छात्रा चित्रांणी साहू ने कहा कि दैनिक लोक सदन समाचार पत्र हमारे लिए बहुत जरूरी है क्योंकि समाचार से ही हमें सच्चाई का पता चलता है। कार्यक्रम में अनेक छात्रों में समाचार पत्र और उसकी चुनौतियों के बारे में अपने-अपने विचार अपने ज्ञान के अनुसार प्रकट किए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर सभी छात्राओं को समाचार पत्र लोक सदन अखबार का वितरण किया गया और आग्रह किया गया कि वे आवश्यक रूप से प्रतिदिन कोई ना कोई एक समाचार पत्र का अवश्य अध्ययन करें क्योंकि इसी से आपका ज्ञान चक्षु खुलेगा।पता चलेगा कि दुनिया में क्या हो रहा है। अगर आप अखबार समाचार और सूचना से दूर रहेंगे तो इसका मतलब आप अंधेरे में है।








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