
विशाखापटनम। गायत्री विद्यापरिषद कालेज फर डिग्री एंड पीजी.कॊर्सेस [ए] संगॊष्ठी हाल (एम.वी.पी) में हिन्दी दिवस भव्यतापूर्वक मनाया गया। मुख्य अतिथि के रुप में माननीय प्रवीण सिंह, मुख्य प्रबंधक, आंचलिक कार्यालय, इंडियन बैंक, विशाखापट्टनम थे।
कार्यक्रम की शुरूआत प्रार्थना गीत एवं दीपप्रज्वलन से हुई। उदघाटन व्याख्यान में सुश्री दक्षिणा मूर्ति गायत्री विद्यापरिषद कालेज के उपाध्यक्ष ने अपने उद्बॊधन में कहा कि देश के विकास में हिन्दी भाषा का अहम यॊगदान है। आचार्य प्रगड राजगणपति गायत्री विद्यापरिषद सदस्य ने कहा कि आज हिन्दी भारत में ही नहीं बल्कि विश्वभर में बॊली समझी जानेवाली विश्व भाषाओं में अपनी पहचान बना चुकी है। गायत्री विद्यापरिषद के सदस्य आचार्य वी.एस.आर. कृष्ण प्रसाद ने कहा कि आज पूरी दुनिया में हिंदी को सम्मान दिया जाता है। हिंदी भाषा के कारण विश्व के सभी देशों में भारत को एक अलग पहचान मिली है| इसके साथ ही हिंदी देश में विभिन्न भाषाएं बोलने वाले हम भारतीयों को एकरुपता के धागे में पिरोती है।
सुश्री कामेश्वर राव ने कहा कि वर्ष 1949 में हिंदी को हमारे देश में राजभाषा का दर्जा प्राप्त हुआ और तब से हिंदी को हमारी राजभाषा माना जाता है। डा.शांति ने राजभाषा के रुप में हिंदी के महत्व को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया| प्राचार्या आचार्या एस.रजनी जी अपने उद्बॊधन में हिन्दी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला । इस अवसर पर उन्हॊने राजभाषा हिन्दी कॊ राष्ट्रीय एकता की सूत्र कहा। गायत्री विद्यापरिषद निर्देशक (एमवीपी शाखा) आचार्य आनंद अय्यागरी हिन्दी भाषा महत्व कॊ बताते हुए हिन्दी दिवस पर सभी अपनी शुभकामनायें दी। जनसम्पर्क अधिकारी शेषपद्मा ने सभी को शुभकामनाएं दी। छात्रगण हिन्दी कविताएं सुनाए।
मुख्य अतिथि का परिचय सह आचार्या डा के.अनिता ने दिया। मुख्य अतिथि प्रवीण सिंह ने अपने उद्बॊधन में कहा कि एक भाषा के रूप में हिन्दी न सिर्फ भारत की पहचान है, बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक,संप्रेषक और परिचायक भी है। उन्हॊंने कहा कि विश्व भर में जिस तरह हिंदी की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है उसी तरह हिंदी भाषा के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ते जा रहे हैं। साहित्य में निराला, दिनकर की कुछ पंक्तियों को सुनाकर उन्होने भाषा की सुंदरता को प्रस्तुत किया ।अंत में सह आचार्या डा.ए.रमणी ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। डॉ के अनीता, सहआचार्या, हिन्दी, गायत्री विद्यापरिषद कालेज फर डिग्री एंड पीजी.कॊर्सेस









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