

बाल्कोनगर/ एल्युमिनियम एंप्लाइज यूनियन (एटक)बाल्को में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सुबह 6:00 बजे प्रभात फेरी निकाला गया शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया सुबह प्रभात फेरी (एटक) कार्यालय पहुंचने पर छत्तीसगढ़ राज्य (एटक) के महासचिव कामरेड हरिनाथ सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि 2014 से देश के सत्ता पर काबिज मालिक परस्त सरकार के द्वारा पिछले 9 वर्षों में सर्वाधिक हमले देश के मजदूरों एवं किसानों पर किए गए हैं एक तरफ तो मजदूरों के लंबे सुधांशु एवं अनेकों बलिदानों के पश्चात प्राप्त किए गए श्रम कानूनों से कई तरह के संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा मिले थे जिसको वर्तमान सरकार के द्वारा बदल कर मालिक परस्त. एवं मालिक की हितेषी फोर लेबर कोड एवं वेतन भुगतान कोड बनाकर देश के मजदूरों को कारपोरेट घराने के लिए आधुनिक गुलाम बनाने की पूरी प्रयास जारी है ।

जिसका जोरदार विरोध केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के नेतृत्व में देश के मजदूर वर्ग लड़ाई के मैदान में है वहीं दूसरी ओर तीन कृषि काले कानून को बनाकर देश के किसानों को जमीन छीनने के हिटलर शाही की प्रवृत्ति के खिलाफ देश के अन्नदाता किसान भाई बहनों ने लंबी लड़ाई के साथ-साथ सैकड़ों किसान भाइयों ने अपनी जान की आहुति दी और वर्तमान अहंकारी सरकार को घुटने के बल पर चलते हुए माफीनामा के साथ कानून को वापस लेने के लिए मजबूर किया ।

भारत सरकार हर मोर्चे पर नाकामयाब रहने के अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए संप्रदायिक जहर फैलाने के काम में लगी हुई है देश में बेरोजगारी45 वर्षों में सबसे ज्यादा है महंगाई आसमान छू रही है आम लोगअपने दैनिक जरूरत की चीजों को प्राप्त करने में असमर्थ हैं लेकिन अदानी. 1612 करोड़ रूपया प्रतिदिन कमा रहे हैं. जबकि आम इंसान. 1 दिन में. मात्र ₹29 प्राप्त करता है. उक्त बातें. छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव हरिनाथ सिंह मई दिवस के उपलक्ष में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए कही कामरेड सिंह ने आगे कहा कि भारत के मजदूरों को अपने बुनियादी अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए फासीवादी सोच एवं संप्रदायिक फिरका परस्ती तत्वों के खिलाफ एकजुट होकर मैदान में खड़े रहे आपसी भाईचारे के साथ ।
एल्युमिनियम एंप्लाइज यूनियन (एटक) के महासचिव कॉमरेड सुनील सिंह ने मजदूरों को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर बधाई देते हुए कहां की मजदूरों और किसानों के पक्ष में जो कानून बने हैं हमारे पूर्वजों ने लड़ाई कर और कुर्बानी देकर उसे बनाया है हम मजदूर वर्ग को उसे सहेज कर रखना है उसे बचाने के लिए और अपने हक और अधिकारों के लिए हमें संघर्ष करने की जरूरत है हमारे देश का मजदूर व किसान जातिवाद संप्रदायवादी के चंगुल में फंस चुका है जिसके कारण भयानक बेरोजगारी का दंश झेल रहा है इतना बोलते हुए रैली कार्यक्रम की समापन की घोषणा की गई इस रैली में हजारों लोग उपस्थित हुए और मजदूर विरोधी सरकारों व पूंजीपतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए शिकागो के शहीदों को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया।









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