
कोरबा/ नगर पालिका द्वारा संरक्षित गीतांजलि भवन जिसका निर्माण लगभग 1980 के आसपास हुआ था जिसे क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) द्वारा पुराना बस स्टैंड में कराया गया था इस कांप्लेक्स में अपूर्व फोटोकॉपी दुकान का छज्जा आज दोपहर 1:30 बजे अचानक भरभराकर गिर गया ।

ऐसी ही घटना विगत कुछ वर्ष पहले भी इस गीतांजलि भवन के दुकानों के छज्जा गिरने की हो चुकी है आज की घटना में दुकान संचालक केके सोनी के शहर से बाहर रहने के कारण उनकी जान पुनः बच गई।

अन्यथा वे गंभीर रूप से घायल हो सकते थे। दरअसल, गीतांजलि भवन को लगभग पांच दशक निर्माण के हो चुके हैं जिसके कारण वह अब संधारण किए जाने की स्थिति में है इसके साथ ही उल्लेखनीय है कि गीतांजलि भवन की अनेक दुकानों को अवैध तरीके से तोड़ कर एक दिया गया है एक दुकानदार ने तो लगभग पूरे कांप्लेक्स को ही खरीद लिया है और दुकानों की बीच की दीवारो को तोड़ कर एक दिया गया है, बाथरूम बना दिया गए हैं दुकानों की बीच तोड़ कर के जिसके कारण गीतांजलि भवन की बिल्डिंग कमजोर होती चली जा रही है।
यही कारण है की किसी भी दिन कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। नगर निगम प्रशासन से स्थानीय दुकानदारों ने मांग की है कि गीतांजलि भवन का संधारण कार्य शीघ्र किया जाए। दुकानों को इस तरह तोड़ा गया है उन दुकानदारों पर भी आयुक्त महोदय को तत्काल एक्शन लेना चाहिए। अन्यथा आने वाले समय में अगर कोई बड़ी घटना घटित होती है तो उसका संपूर्ण जिम्मेदार नगर पालिका प्रशासन ही होगा।









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