
जशपुर / जिले के तपकरा वन परिक्षेत्र में 3 दिनों पहले अपने दल से भटके नन्हे हाथी की मौत हो गई. दल से भटके हाथी शावक को वन विभाग ने अपनी देख रेख में रखा था. बताया जा रहा है कि नन्हे हाथी शावक की अस्वस्थ होने से उसकी मौत हो गई.
घटनास्थल पर वन विभाग के आला अधिकारी की उपस्थिति में चिकित्सकों के दल ने शावक का पोस्टमार्टम किया. पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने हाथी का अंतिम संस्कार करवाया. तपकरा वन परिक्षेत्र में दल से बिछड़कर नन्हा हाथी जशपुर के मृगखोल गांव पहुंचा था. मृगखोल ओडिशा से बिलकुल लगा हुआ है.
वन विभाग के द्वारा शावक कि पहरेदारी की जा रही थी. जिसकी आज मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, हाथी का शावक अस्वस्थ था, शरीर में कई जगह घाव थे. गुरुवार को रामकोला सेंटर के कुछ चिकित्सकों को भी ईलाज के लिए बुलाया गया था. लेकिन आज सुबह करीब 5 बजे उस हाथी की मौत हो गई.
डीएफओ जितेंद्र उपाध्याय ने बताया कि 3 दिन पहले हाथी का बच्चा पानी में मिला था. उसे ऑब्जरवेशन में रखा गया था. शावक बुरी तरह से जख्मी था, जबड़े में इन्फेक्शन और कीड़े लगे थे. जिसकी वजह से वह खान-पान नहीं कर पा रहा था. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. वन विभाग ने ओडिशा से भटके नन्हे शावक का इलाज करवाया लेकिन गंभीर रूप से जख्मी हाथी की इलाज के दौरान मौत हो गई. वन विभाग ने मृत हाथी का अंतिम संस्कार करवा दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हाथी के मौत की असल वजह सामने आ पाएगी.










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