

कोरबा/पाली/ जिले के धार्मिक पर्यटन स्थल चैतुरगढ़ स्थित मां महिषासुर मर्दिनी देवी मंदिर के संचालन को लेकर चल रहे विवाद के बीच पुरातत्व विभाग ने मंदिर के गर्भगृह मुख्य गेट पर ताला लगा दिया है। इस वजह से इस बार चैत्र नवरात्र पर पूजा होगी कि नहीं, यह भी स्पष्ट नहीं है।
चैतुरगढ़ मंदिर को लेकर लंबे समय से दो समितियों के बीच विवाद चल रहा है। यहां पूजा और विकास समिति के बाद धार्मिक व जन कल्याण ट्रस्ट काम कर रहा था। अब ट्रस्ट के सदस्यों में तालमेल और आपसी विवाद भी है। पिछले एक साल से स्थानीय समिति भी सक्रिय होकर मंदिर पर एक तरह से कब्जा जमा लिया था। इसके बाद प्रशासन से लिखित और मौखिक शिकायत भी की गई थी। विवाद का मामला हाईकोर्ट में भी लंबित है। लंबी शिकायतों को देखते हुए भारतीय पुरातत्व विभाग ने स्थल के संरक्षण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगामी आदेश तक मंदिर के गर्भगृह और मुख्य गेट में ताला लगा दिया है।
पुरातत्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का कहना है कि अधीक्षण पुरातत्वविद और संरक्षण सहायक रायपुर मंडल बिलासपुर के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। चैत्र नवरात्रि का पर्व 22 से 30 मार्च तक मनाया जाएगा। ऐसे में मंदिर बंद होने से श्रद्धालुओं को दर्शन लाभ भी मिलना मुश्किल है।







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