हैदराबाद।“कहानीवाला” (साहित्य, नाट्य एवम कला ) की प्रथम सभा का आयोजन श्रीमती शिल्पी भटनागर (संयोजिका)के कोमपल्ली स्थित आवास पर किया गया। सर्वप्रथम सभी सदस्यों ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर माँ सरस्वती का आशीर्वाद लिया।
प्रथम सत्र की अध्यक्षता श्री घनश्याम रामचंद्रानी जी ने की। सभा में श्री घनश्याम रामचंद्रानी जी के अतिरिक्त श्री सुहास भटनागर, श्री प्रदीप देवीशरण भट्ट, श्री योगेश पाण्डेय, श्री जी एस शर्मा, एड्वोकेट,श्री सौरव भटनागर एवम सुश्री तरुणा मन्ना उपस्थित रहे।
प्रथम सत्र में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि श्री सुहास भटनागर एव्म श्री जी एस शर्मा,एडवोकेट “कहानीवाला” (साहित्य, नाट्य एवम कला) संस्था को पंजीकृत कराने की सभी औपचारिकताएं पूरी करेगें।
दूसरे सत्र की की शुरुआत श्री प्रदीप देवीशरण भट्ट की अध्यक्षता में हुई। जिसमें सभी सुधीजनों ने कोरोना काल के विषय में अपने पाँच माह के अनुभव साझा किए। श्री योगेश पाण्डेय ने कोरोना पर स्वरचित कविता से सबको वाह वाह करने पर मजबूर कर दिया, सुश्री तरुणा मन्ना ने विरह पर अपनी दो कविताओं से समां बाँध दिया, सुहास भटनागर ने पेड़ पर लिखी हुई कविता से सबको आकृषित किया वहीं शिल्पी भटनागर ने सावन पर रचित अपनी रचना को स-स्वर गाकर आनंदित कर किया, श्री जी एस शर्मा ने चीन की हरकतों पर अपनी कविता में रोष प्रकट किया।
अध्यक्षीय भाषण में श्री प्रदीप देवीशरण भट्ट ने कोरोना काल में भी साहित्य के प्रति निस्वार्थ सेवा एवम प्रेम प्रदर्शित करने हेतु सभी उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार प्रकट करते हुए वर्तमान में हाई प्रोफाइल केस सुशांत सिंह राजपूत पर : “जाने का तेरे कोई भी ग़म है नहीं मुझको/पर इतना मलाल है तू बता कर नहीं गया” एवम दिशा सालियान पर लिखी कविता “एक दिशा थी हैदराबाद की एक दिशा मैं मुम्बई की/एक पुलिस ने मारे चारो एक कहे फाईल खो गई जी” प्रस्तुत कर सभी को ग़मगीन कर दिया।
सभा का समापन श्रीमती शिल्पी भटनागर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।








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