
रायपुर, 13 जून 2025 | विशेष संवाददाता
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच के तहत शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों को अटैच किया है। अटैच की गई संपत्तियों में राजधानी रायपुर स्थित कांग्रेस भवन भी शामिल है, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।ईडी ने इस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करते हुए बताया कि ये संपत्तियाँ कथित शराब घोटाले से अर्जित काले धन से बनाई गई थीं। जांच में सामने आया है कि अवैध शराब कारोबार से जुटाए गए धन का उपयोग रायपुर और अन्य स्थानों में अचल संपत्तियाँ खरीदने में किया गया।
ईडी की रिपोर्ट में क्या है?
ईडी की ओर से जारी आदेश के मुताबिक:अटैच की गई संपत्तियाँ 6.15 करोड़ रुपये से अधिक की हैं।इ
न संपत्तियों में कांग्रेस भवन के अलावा कुछ अन्य निजी प्लॉट और बिल्डिंगें शामिल हैं।
यह संपत्ति शराब घोटाले के मुख्य आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी बताई जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस पार्टी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “यह कार्रवाई लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है। कांग्रेस भवन हमारी पार्टी की पहचान है, और इससे हमारे हौसले कमजोर नहीं होंगे।
“वहीं भाजपा नेताओं ने ईडी की कार्रवाई को “देर से हुई लेकिन सही कार्रवाई” बताया है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों की लूट में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए
पृष्ठभूमि : क्या है शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ में वर्ष 2023-24 के बीच उजागर हुए इस कथित घोटाले में सरकारी संरक्षण में शराब दुकानों से कमीशन, नकली ब्रांड, और बिचौलियों की मिलीभगत से करोड़ों की अवैध कमाई का आरोप है। इस मामले में कई आईएएस अधिकारी, कारोबारी और राजनेता जाँच के दायरे में हैं।
आगे क्या? ईडी ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और आगे और संपत्तियाँ अटैच की जा सकती हैं। आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होते ही गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।







Comments are closed.