शुक्रवार को नहर में बहे बालक का शव आज सुबह जांजगीर चांपा जिले के नहर में मिला…
कोरबा। तुलसी नगर नहर से बहे 8 वर्षीय बालक का शव आज तीसरे दिन जांजगीर चम्पा जिला के बिर्रा नहर में मिला है। इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार पर…
अवसरवादिता:राजनीति का मूलमंत्र
राजनीति का मूल मन्त्र आखिर क्या है ,अवसरवादिता या देशभक्ति-जनसेवा ? आप कहेंगे कि देशभक्ति -जनसेवा तो पुलिस का ध्येय वाक्य है ,ये राजनीति का मूलमंत्र कैसे हो सकता है…
सहजानन्द सरस्वती : एक स्वामी, जिन्होंने किसान आंदोलन की दिशा-दशा बदल दी-आलेख : बादल सरोज
इतिहास के सबसे विराट किसान आंदोलन ने इन दिनों पूरे देश को झंकृत करके रखा हुआ है। यह किसानों के अद्भुत जागरण और असाधारण जिजीविषा के उभार का समय है…
कहानी- “हम सब बेघर”
कालू कुत्ता अपने टोले का सरदार था। वह बुजुर्ग होने के साथ अनुभवी और सबके सुख-दुःख का सहकारी था। उसकी बिरादरी मे यदि कोई भी छोटी- बड़ी समस्या आ जाए…
सभी के लिए सुलभ हो न्याय
भारतीय न्याय प्रणाली प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत पर कार्य करती जिसके तहत क़ानून के समक्ष सभी समान हैं व सभी को कानून का समान संरक्षण प्राप्त है। भारतीय न्याय व्यवस्था…
नारी शक्ति संगठन “तेजस्विनी” द्वारा 8 मार्च को ग्राम बरीडीह एवं बल्गीखार में महिला सशक्तिकरण पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह
कोरबा । अखिल भारतीय नारीशक्ति संगठन “तेजस्विनी” तथा छत्तीसगढ़ कला, साहित्य एवं सांस्कृतिक विकास परिषद जिला इकाई कोरबा द्वारा 8 मार्च 2021 अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्राम बरीडीह…
इतिहास में 7 मार्च
1854-चाल्र्स मिलर ने अमेरिका में पहली सिलाई मशीन का पेटेन्ट कराया। 1979 -वैज्ञानिकों ने बृहस्पति ग्रह के छल्ले की खोज की। 2001 – फिजी में अंतरिम सरकार का इस्तीफ़ा। 2003…
चतुरी चाचा के प्रपंच चबूतरे से- नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान
आज प्रपंच चबूतरे का रंग-रोगन चल रहा था। चबूतरे के पास ही 10-12 नई कुर्सियां और दो नए तख्त भी पड़े थे। चतुरी चाचा को प्रधान पद के उम्मीदवार किंकर…
सप्ताह की कविता-लड़कियाँ जो कभी बूढ़ी नहीं होती
लड़कियाँ खाना पकाती हैऔर पकती हैं धुएं सेमसालों की छौंक सेकाली पड़ जाती है उनकी त्वचाबड़ी तन्मयता से रगड़ती है .पत्थर पर घिसती हैं एड़ियाँ सुघड़ता से सुल्झाती हैंछोटे-बड़े बालों…
व्यंग्य- नाम में क्या रखा है ?
डॉ टी महादेव राव शेक्सपियर ने कहा था नाम में क्या रखा है, अगर गुलाब को हम किसी और नाम से बुलाएँ तब भी वह वही सुगंध देगा। लेकिन शेक्सपियर…







