



कोरबा। कोरबा अंचल की अन्यतम बौद्धिक विभूति ल.न. कड़वे की श्रद्धांजलि सभा उनकी “कर्मयोगी” पुस्तिका विमोचन के पश्चात आज संध्या उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए जयसिंह अग्रवाल, राजस्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने कहा -कड़वे जी एक महान विभूति थे हम जब भी कभी उनसे मिलते और उनके पास जाकर चरण स्पर्श करते तो वह मेरा माथा चूम लिया करते थे। भाव विभोर हो कड़वे जी को याद करते हुए राजस्व मंत्री जयसिंह ने अपने श्रद्धांजलि संबोधन में कहा कोरबा को उनका बहुत बड़ा योगदान था उनकी सादगी, आत्मीयता, प्रेम अमूल्य था।
राज किशोर प्रसाद, महापौर, नगर निगम ने अपने संबोधन में कहा – कड़वे जी और एक महान विभूति थे जिन्होंने जाने कितने लोगों को प्रेरणा दी मैंने उनसे भी बहुत कुछ सीखा और जाना था।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और नामचीन शख्सियत रहे बनवारी लाल अग्रवाल ने कड़वे जी को याद करते हुए कहा – आपातकाल के समय में , मैं उनके साथ बिलासपुर जेल में था। कड़वे जी का कोरबा के मजदूर आंदोलन और समाज को दिशा देने में अमूल्य योगदान था। जिसे मैं आज रेखांकित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
छत्तीसगढ़ के पूर्व संसदीय सचिव लखन लाल देवांगन ने ल.न. कड़वे को श्रद्धांजलि अर्पित की और अपने संबोधन में कहा कि कड़वे जी का औद्योगिक नगर कोरबा के लिए बहुत महत्वपूर्ण योगदान था ऐसा कोई शख्स नहीं जो उन्हें जानता ना हो और उनसे कुछ सीखता ना हो उन्होंने साहित्य और समाज सेवा में अपना अविस्मरणीय योगदान दिया है ।सभा को नगर पालिक निगम के सभापति श्यामसुंदर सोनी, पूर्व महापौर जोगेश लांबा ने भी संबोधित किया और कड़वे जी के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता कहते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
ज्ञात की विगत 23 मई को अंचल की महान शख्सियत कड़वे जी का देहावसान हो गया था आज कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उनके आवास प्रांगण में एक शोक सभा रखी गई थी जिसमें गणमान्य लोगों ने शिरकत की और कड़वे जी को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।







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