नहीं हम रुकेंगे अबकी बार
चाहे कुछ भी कर ले सरकार
हमें रोजगार चाहिए।
आपका जो कुछ भी बहाना है
हमने अब तक सब माना है
भड़क चुके हैं छात्र सब जगह
बात इतनी सी बताना है।

खड़ी कर दें चाहे दीवार
चाहे डंडे से करवा ले मार
हमे रोजगार चाहिए।
इतनी क्या हो गई इमरजेंसी
जो अपने बन्द करवा दी वेकैंसी
हम चलें सड़कों पर नंगा
आप पहनो कपड़ा फैंसी
कुछ ऐसा भी करो सरकार
हम सब में भी आए बहार
हमें रोजगार चाहिए।
आपने घोषणा की थी जबरजस्त
आप आए तो लगा सब होगा मस्त
आप तो हो गए अपनों में व्यस्त
और सब जनता हो गई त्रस्त
आप दे चीन को घुसकर मार
पाक की गर्दन भी ले उतार
हमें रोजगार चाहिए।
…जीवन वर्मा
परसाबाद (कोडरमा)







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