
तिल्दा/नेवरा/ जिला पंचायत सभापति राजू शर्मा ने आज ग्राम पंचायत कुंदरू में 14 लाख की लागत से महिला भवन का उद्घाटन किया इस अवसर पर महिलाओ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की स्त्री (Women) को सृजन की शक्ति माना जाता है अर्थात स्त्री से ही मानव जाति का अस्तित्व माना गया है। इस सृजन की शक्ति को विकसित-परिष्कृति कर उसे सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, विचार, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, अवसर की समानता का सु-अवसर प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण का आशय है।
महिलाओं में उस शक्ति का प्रवाह होता है, जिससे वो अपने जीवन से जुड़े हर फैसले स्वयं ले सकती हैं और परिवार और समाज में अच्छे से रह सकती हैं। समाज में उनके वास्तविक अधिकार को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना ही महिला सशक्तिकरण हैं। भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) मैं महिलाएं मात्र 17% का योगदान दे रही है। जहाँ महिलाएँ परिवार और समाज के सभी बंधनों से मुक्त होकर अपने निर्णयों की निर्माता खुद हो।
महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता
महिला सशक्तीकरण को बेहद आसान शब्दों में परिभाषित किया जा सकता है कि इससे महिलाएं शक्तिशाली बनती है जिससे वह अपने जीवन से जुड़े हर फैसले स्वयं ले सकती है और परिवार और समाज में अच्छे से रह सकती है।समाज में उनके वास्तविक अधिकार को प्राप्त करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना महिला सशक्तीकरण है। इसमें ऐसी ताकत है कि वह समाज और देश में बहुत कुछ बदल सके। वह समाज में किसी समस्या को पुरुषों से बेहतर ढंग से निपट सकती है। विकास की मुख्यधारा में महिलाओं को लाने के लिये भारत सरकार के द्वारा कई योजनाएं चलाई गई हैं। पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिला आरक्षण नारी सशक्तिकरण का उदाहरण हैं।इस अवसर पर सरपंच श्रीमती गैंदी वर्मा, उपसरपंच यसवंत वर्मा, पंच हरिश्चंद कुंवर, मनोज निषाद, श्रीमती गमिता वर्मा, श्रीमती पंकज पात्रो, श्रीमती उषा साहू, पंच प्रतिनिधि गणेश सिंह, देवेन्द्र वर्मा, महिला समूह से जानकी साहू, संतोषी गौतम, नोमेश्वरी वर्मा, रामप्यारी साहू, सीमा यादव, अनीता वर्मा, मधु वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्राम वासी उपस्थित थे ।







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