
दिल्ली। हिंदी की गूंज द्वारा आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों सहित दक्षिण भारत के कई बच्चों ने कार्यशाला में भाग लिया और कविता, कहानी लेखन से संबंधित अपने कई प्रश्न मालूम कर अपनी जिज्ञासा को शांत किया। करीब तीन घंटे से अधिक चले कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकारों ने बहुत विशिष्ट जानकारियां दी।
देश की अग्रणी साहित्यिक संस्था “हिन्दी की गूँज” जो हिंदी के प्रचार-प्रसार को समर्पित है, के तत्वाधान में रविवार को एक सृजनात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में खेमेंद्र सिंह ने कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए व कार्यशाला में उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन किया । कार्यक्रम का शुभारंभ रजनी श्रीवास्तव के मधुर स्वर में सरस्वती वंदना से किया गया। कार्यक्रम दो सत्र में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र जिसमें कविता लेखन पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ साहित्यकार नरेंद्र सिंह नीहार ने विद्यार्थियों तथा नवांकुरों को कविता कैसे लिखी जाए, कैसे कविता का ताना-बाना बुना जाए, कैसे शब्दों को जोड़कर कविता बनाई जाती है आदि के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कविता लिखने के लिए आवश्यक तत्व हैं- भाव, शब्दकोश और पर्यायवाची शब्दों की जानकारी । द्वितीय सत्र में चर्चित कहानीकार रोचिका शर्मा ने कहानी के महत्व और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में लिखे जाने वाले कहानी तथा उसमें किस तरह के शब्दों का प्रयोग होना चाहिए आदि बातों पर जानकारी दी। उन्होंने अपनी रचित कहानी “सेकेंड वेब” सुना कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया । कार्यक्रम का कुशल संचालन तरुणा पुंडीर तरुनिल तथा डॉ ममता श्रीवास्तवा ने किया । मुख्य अतिथि के रूप में जुड़े दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ रवि शर्मा मधुप ने हिंदी साहित्य के महत्व को बताते हुए सभी को लेखन के सभी विधाओं से परिचित कराया ।
अहिंदीभाषी क्षेत्र मैसूर के कालेज विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से आयोजित सृजनात्मक कार्यशाला में देश के विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थी तथा नवांकुरों ने भाग लिया। सभी ने तरह -तरह के प्रश्न पूछ कर अपनी जिज्ञासा को शांत किया एवं जागरूकता का परिचय दिया।इस अवसर पर उपस्थित उत्तराखंड शाखा प्रभारी निर्मला जोशी, गिरीश जोशी, संजय कुमार सिंह, तापस अग्रवाल, डाॅ. चैत्रा एस, डाॅ. सिध्दगंगमा, राकेश जाखेटिया, दीपक अग्रवाल
आदि ने अपने संदेश प्रेषित कर सभी का उत्साहवर्धन किया। हिंदी की गूंज के मीडिया प्रभारी प्रमोद चौहान प्रेम ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में नरेंद्र सिंह नीहार व खेमेन्द्र चंद्रावत ने सभी का आभार व धन्यवाद व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।







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