बता रहे हैं नरेशचंद्र ‘नरेश’

बीई इंजीनियरिंग, साहित्यकार पेशे-से, NTPC और MP, छग पावर प्लांट में, कोरबा में कभी कार्यरत थे…कि जिनके नाम का मोहताज हिन्दुस्तान अकेला नहीं, बल्कि 50 से ऊपर लिखीं( Fifty) कहानियों ने विश्व- पाठकों को पहचान दीं -एक कर्मठ-इंजीनियर की और एक अदभुत कहानीकार की…।
फिर दिल्ली NTPC मुख्यालय से EXICUTIVE कैडर में विशेष विशेषज्ञता की भी…। आज…सेवा निवृत्त हो चुके कलम-का-धनी NTPC के सानिध्य-में विशेष कार्य हेतु, आज-भी तकनीकी विशेषज्ञ…बनकर टूर पर आये थे…
इंजीनियर, परिचित प्रबुद्ध-कहानीकार हमारे बीच थे…
हाथ-में उनके साथ विभिन्न विषयों पर लिखीं-छपीं पांच-छह पुस्तकें… और जिनका नाम भी पुस्तकों-पर लिखा था–
राजेश जैन… तकनीकी डिग्री के साथ बाल, युवा, बूढ़ों, तकनीकी और समाजिकता-पूर्ण कहानियों-उपन्यास-लेख आदि गर्भ में-भी छुपे नदी-तालाब-समुंदरों का मंथन कर तकनीकी-चासनी में अमृत-पात्र दर्शन और पेय पिलाने वाले, कलम-के-धनी…।
और हमारे साथ साहित्यिक व अभिन्नय्- गूढ़, भिन्न-भिन्न विषयों व पूछे-गये प्रश्नों का शोध-पूर्ण उत्तर व स्पष्टीकरण के धनी। तकनीकी-तार्किकता पूर्ण विशेषताएं बतलाने पश्चात वे अपना तकनीकी-कार्य की बैठक में जाने के हेतु हम… याने मैं नरेश चन्द्र नरेश, सुरेश रोहरा संपादक लोकसदन, दीनदयाल अग्रवाल जो कभी पार्षद थे, एवं आर बी द्विवेदी NTPC Employee …और … राजेश जैन हमें एक नये विषय पर लिखा नया- उपन्यास दे गये….यादगार स्वरूप…।
नरेश चन्द्र नरेश






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