
कोरबा । निगम प्रशासन को डीएमएस मद से 11 करोड़ मिलने के बाद शहर की 7 मुख्य सड़कों के नवीनीकरण एवं मरम्मत के लिए टेंडर जारी कर दिया है ।इस संबंध में जनसंगठन कोरबा के अध्यक्ष विशाल केलकर ने जिला प्रशासन पर जिले के लोगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दर्री, जमनीपाली , बालको ,कुसमुंडा दीपका की सड़कों का निर्माण डीएमएफ मद से कराने की बजाय एसईसीएल ,बालको और एनटीपीसी प्रबंधन का मुँह ताका जा रहा है ।इन क्षेत्रो के लोगों ने क्या गुनाह कर दिया है जो उनकी मांगों पर आज तक ध्यान नहीं दिया गया ।
कोरबा जिले की सड़कों की हालत किसी से छिपी हुई नहीं है कुसमुंडा ,दीपका ,दर्री, जमनीपाली, बाल्को, छुरी और कटघोरा समेत अन्य पहुंच मार्गों से गुजरना हो तो वाहन चालकों की जान पर बन आती है ।सड़कों की समस्या को लेकर अनेक बार जागरूक लोगों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा चुका है लेकिन हर बार आश्वासन का झुनझुना देकर आंदोलन खत्म करवा दिया गया । अब निगम प्रशासन को सड़क निर्माण के लिए डीएमएफ फंड से 11 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है ।ये बहुत अच्छी खबर है लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि जहां सड़कों की हालत बद से बदतर हो चली है वहां सड़कों की नवीनीकरण के लिए कोई योजना नहीं है । जन संगठन के अध्यक्ष विशाल केलकर ने बताया कि दर्री ,जमनीपाली, कुसमुंडा और दीपका की जर्जर सड़कों के निर्माण के लिए कहा जाता है कि ये सड़कें डीएमएफ फंड से नहीं बल्कि एसइसीएल, बालको और एनटीपीसी प्रबंधन के सहयोग से बनेगा ।आखिर इस क्षेत्र के रहने वाले लोगों के साथ इस तरह का भेदभाव क्यों। जब शहर की सड़कों की मरम्मत डीएमएफ फंड से करायी जा सकती हैं तो उनके क्षेत्रों की क्यों नहीं ।अगर जिला प्रशासन ने उनके क्षेत्र की सड़कों का उद्धार नहीं किया तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे ।







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