बदलते गए बाजार बदलते गए ग्राहक और उनके अधिकार भी ,देखे तो गांव में अनाज के बदले सामान लेने से शुरु हुई मोहल्ले की दुकान आज बिग बाजार और बड़े-बड़े मॉल का रास्ता पार करते हुए अब ऑन लाइन शॉपिंग तक पहुंच चुकी है। इसी के साथ बाजार के नाम पर फ्रॉड के तरीके भी बदलते जा रहे हैं, ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों के साथ ठगी के तरीके लगातार बदलते जा रहे हैं। जाहिर है लोगों के उपभोक्ता अधिकार और उपभोक्ता अदालत में आने वाले मामलों का प्रारूप भी लगातार बदलता जा रहा है ,इसी के साथ ग्राहकों को मिलने वाले अधिकारों में भी वक्त के साथ काफी बदलाव होते जा रहे हैं। आज विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस है ,इसलिए हम आज आपसे बोल रहे है की जागो ग्राहक जागो, साथियों हम में से हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है, दुनिया एक बाजार है और इस से कमाई करने के लिए बेरहम कारोबारी और निरीह ग्राहक दोनों मौजूद हैं, चालाक और क्रूर बाजार के हाथों ग्राहक को बचाने के लिए उपभोक्ता अदालत से लेकर ग्राहकों के अधिकार बनाए गए है । हर वर्ष 15 मार्च को उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है, विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस सबसे पहले 15 मार्च 1983 को मनाया गया था और बाद में यह एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया। एक उपभोक्ता होने के नाते आपके कुछ अधिकार भी हैं लेकिन बहुत से लोगों को उनके अधिकारों के बारे में नहीं पता होता है , इसीलिए तो इस दिवस को मनाने का उद्देश्य भी उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करना है। आज विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर हम आपसे इस लेख के माध्यम से बाते कर रहे हैं की आपके अधिकार क्या है ? ताकि बाज़ार में कुछ भी खरीदने से पहले आप सजग रहे, ख्याल रखें वर्तमान में धोखा देकर अपना उल्लू सीधा करने वालों की कमी नहीं है , इसलिए आपको अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना बहुत जरुरी है । आपकी जागरूकता पर ही सबकुछ निर्भर करता है | कई बार लोग सामान तो खरीद लेते है पर दुकानदार से रसीद लेना जरुरी नहीं समझते है । बाद में इसकी वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ,इसलिए जब भी आप कोई महत्वपूर्ण खरीदारी करें तो उसकी रसीद जरुर लें । अगर आप जागरूक होकर इन छोटी – छोटी बातों का ख्याल रखेंगे तो आप असुविधाओं से सुरक्षित रहेंगे । आपको बता दे कि सुई से लेकर हवाई जहाज तक, होटल से लेकर हॉस्पिटल तक, गलत विज्ञापन या जनता को भ्रमित करने वाले विज्ञापन, इलेक्ट्रोनिक उपकरण व बीमा सेक्टर सहित तमाम क्षेत्र उपभोक्ता फोरम की परिधि में आते है। कोई भी व्यक्ति अगर उसके साथ गलत हुआ है तो उपभोक्ता फोरम में अपने साथ हुए ठगी की शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता फोरम में किसी भी तरह के मुकदमे का निपटारा नियमत 90 दिनों के अंदर करने का प्रावधान है। आपको बता दे की उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 उपभोक्ताओं को वो अधिकार देता है जो उन्हे किसी तरह की जालसाज़ी या धोखाधड़ी से बचा सकें उपभोक्ता संरक्षण अधिकार अधिनियम भारतीय संविधान की धारा 14 से 19 बीच आपको ये अधिकार उपलब्ध कराता है,इसी अधिनियम में संशोधन करते हुए उपभक्ता संरक्षण अधिनयम 2019 लाया गया ,जिसमे बहुत से हम उपभोक्ताओं के हित में है ,लेकिन कही ना कही क्रियान्वयन में और तेजी लाने की जरूरत है। वही इस विधेयक के खास प्रावधान ये है की इसमें उपभोक्ता सुरक्षा के अधिकार, सूचना प्राप्त करने का अधिकार, उपभोक्ता को चुनाव करने का अधिकार और सुनवाई का अधिकार दिया हुआ है,लेकिन क्रियान्वयन में लचीलापन कहीं ना कहीं हमें दिखाई देता है। एक बात और भारत में उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े आंदोलन की शुरूआत 1966 में मुंबई से हुई ,पहली बार अधिकारिक रूप से अंतराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 15 मा्र्च, 1983 को मना जिसके बाद से हर साल इसी तारीख को ये दिन मनाया जाने लगा। अंत में यही कहूंगा जागो ग्राहक जागो ।

विक्रम क्रांतिकारी ( विक्रम चौरसिया )








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