
कोरबा 15 जून। वन मंडल कोरबा में 4 मई से 20 मई तक तेंदूपत्ता खरीदी का अभियान शानदार रहा। कुल 50,525 मानक बोरा खरीदे गए, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 93ः है।
कोरबा और कटघोरा वन मंडलों का संयुक्त लक्ष्य लगभग 1,29,500 बोरा था, जिसमें से कोरबा में ही लगभग 53,600 बोरा लक्ष्य था। अंततः कुल 1,11,800 बोरा तेंदूपत्ता खरीदा गया, अनुमानतः 93ः लक्ष्य पूर्ण हुआ। राज्य सरकार ने न्यूनतम भाव ₹5,500 प्रति मानक बोरा निर्धारित किया। उच्च गुणवत्ता वाले पत्ते (जैसे लेमरू, विमलता) की नीलामी 11,000 प्रति बोरा तक हुई, जिससे संग्राहकों की आय दोगुनी हो गई।
कोरबा के जंगलों से निकला तेंदूपत्ता ‘हरा सोना’ कहा जाता है। इसका आकार, मजबूती और साफ‑सफाई इसे देशभर में पसंदीदा बनाती है। इसमें लगभग 48,000 वनवासी परिवारों ने इस खरीदी से आय और रोजगार प्राप्त किया। वन विभाग द्वारा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई हैं।
इस वर्ष बेमौसम बारिश, हाथियों और बाघ के आक्रामक इलाके में रहने के कारण संग्रहण में बाधाएँ आईं। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद लक्ष्य का 93ः हासिल हुआ। उच्च भाव के कारण अन्य राज्यों से तेंदूपत्ता तस्करी की खबरें आईं। वन विभाग ने सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी है।






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