
हमारे संपादक सुरेशचंद्र रोहरा ने अंचल के सुप्रसिद्ध इंडस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य डॉक्टर संजय गुप्ता से कोरोना के दौरान परहेज से जुड़े सवालों पर जन-जागरूकता हेतु वार्ता की। छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना के प्रकरणों के दौरान सामाजिक जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से श्रेष्ठ विचारों को अखबारों के माध्यम से सब तक पहुंचाने हेतु लोक सदन ने डॉक्टर संजय गुप्ता से यह खास बातचीत की।
डॉ. संजय गुप्ता नें बतलाया कि छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना संक्रमण निश्चित तौर पर परिचर्चा का विषय है । इस विषय पर हमें विचार विमर्श कर समाज के मध्य सहीं जानकारियां पहुंचाते हुए जागरूकता लाने की जरूरत है । कहीं ना कहीं छोटी छोटी लापरवाही लोगो के जान जोखिम में डाल दे रही है । वहीं वैक्सीन के प्रति भी लोगो में जानकारियों के अभाव की वजह से 45 वर्ष के अधिक आयु के लोग अब तक सभी वैक्सीन का लाभ नहीं उठा पाए हैं वहीं किन्ही अन्य कारणों से हुई मौतों की वजह वैक्सीन से जोड़कर समाज मे भ्रांतियां फैल रही है । यह जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है कि हम अगर 45 वर्ष से अधिक आयु के हैं तो निश्चित ही हमारी इम्म्युनिटी पॉवर वीक होगी और ऐसे व्यक्ति को कोरोना के चपेट में आने के चान्सेस अत्याधिक हैं । वैसे तो आज के खानपान में वह बात ही नहीं जो कोई पूर्णतया स्वस्थ्य रह सके पर फिर अगर ओवरऑल गौर फरमाएं तो 45 के ऊपर के लोगों की इम्युनिटी पॉवर घटने लगती है । हम सबको ज्ञात है कि हमारी जरूरत की सारी चीजें इस प्रकृति से ही मिलती है तो हम जितना प्रकृति के करीब रहेंगे उतना स्वस्थ्य और निरोगी बने रहेंगे सबसे बड़ी यह प्रकृति है । प्रकृति ने हमारा पालन करने के लिए वह सभी पदार्थ हमारे इर्द गिर्द प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करवाए हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है ।
– 45 से अधिक आयु का व्यक्ति वैक्सीन का लाभ ले, पर उससे कम उम्र का व्यक्ति क्या करे?
डॉ संजय गुप्ता से वार्तालाप में इस गंभीर विषय पर पूछा गया तो उन्होंने बतलाया कि 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगो को सरकार निशुल्क वैक्सीन लगा रही है । इसके बावजूद ऐसे लोग भी इस समाज में हैं जो विभिन्न तरह के कारणों से जैसे व्यसन, गंभीर बीमारी इत्यादि की वजहों से अपने रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर बैठे हैं । इसके अलावा कमजोर खानपान जैसे कोई व्यक्ति अगर हरी सब्जियों का सेवन नहीं करता फलों का सेवन नहीं करता तो ऐसे लोगों की रोग प्रतोरोधक क्षमता अत्याधिक कम होती है । वजह जरूरी पोषक तत्वों का समावेश भोजन में ना होना, और इस तरह से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता की वजह से बाहरी संक्रमण से उनके शरीर का बीमार होना आम बात है । आज लोग वेजिटेबल और फलों के मामले में चूजी हो गए हैं किन्ही को करेला नहीं पसंद, किन्ही को भिंडी नहीं पसंद, किन्ही को पालक नहीं पसंद किन्ही को भाजी नहीं पसंद किन्ही को लौकी नहीं पसंद किन्ही को कुछ तो किन्ही को कुछ ऐसे में शरीर को आवश्यक न्यूट्रिशन नहीं मिल पाता, ऊपर से आज लोगों के भोजन में स्वास्थ्यवर्धक चीजे कम स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली चीजें ज्यादा नजर आती है जैसे बर्गर, पिज्जा, चाट, गुपचुप, समोसा, इत्यादि बाहरी जंक फूड लोग ज्यादा खाना पसंद करते हैं जो विभिन्न तरह के बीमारियों को आमंत्रित करते हैं और धीरे धीरे शरीर रोगों का घर बन जाता है ।
जब हम लोगो को कहते हैं कि जंक फूड उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तब लोगो के मन मे सवाल उठता है की जंक फूड से कोरोना कैसे होगा, दर असल जंक फूड के सेवन से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है और जब आर्मी के पास हथियार पर्याप्त मात्रा में नहीं होगी तो जंग हारेगा ही बिल्कुल उसी प्रकार जब हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता जो कि इस शरीर की आर्मी है जब यह कम होगी तो बाहरी संक्रमण से हमारा शरीर हारेगा और बीमार पड़ जायेगा ।
वैसे तो गर्मियों के मद्देनजर हमें ऐसे फलों का सेवन करना चाहिए जिसमें पानी की मात्रा अत्याधिक हो, साथ ही सीजनल फलों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए कुछ फल बारह मासी होते हैं वही कुछ फल व सब्जियां सीजनल होते हैं जो एक सीजन विशेष में ही नजर आते हैं जिसके पीछे जरूर कुदरत की कोई प्लानिंग होगी, दरलसल सीजन में मिलने वाली फल व सब्जियों का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, जो हमें उसे सीजन में स्टेबल रहने की शक्ति प्रदान करती है । जैसे अभी गर्मी में आम तरबूज ककड़ी इत्यादि हमें अपने आहार में शामिल करना चाहिए आज लोग जंक फूड से इतने चिपक गए है की पढ़े लिखे वर्ग सबको पता है कोल्ड्रिंक, बर्गर, पिज्जा, समोसा इन सभी चीजों का शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसके बावजूद लोग इन चीजों का सेवन करते रहते हैं । वहीं व्यसन करना भी इम्युनिटी पॉवर को घटाने का एक कारण होता है तो लोगो को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए कि वह व्यसनमुक्त जीवन शैली अपनावें
इम्युनिटी पॉवर को बढ़ाने के लिए आहार में किन चीजों को शामिल करना चाहिए
इस पर जवाब देते हुए डॉ संजय गुप्ता ने बतलाया कि मनुष्य के शरीर मे रोग प्रतोरोधक क्षमता होती है जिससे शरीर बाहरी किसी इन्फेक्शन से लड़कर शरीर को प्रोटेक्ट करता है जिसके लिए शरीर में प्रकृति से प्राप्त चीजों की आवश्यकता पड़ती है । जिससे कि रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो ऐसे फल व सब्जियां जिनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास हो उनमे हैं करेला, पालक, पपीता, सिट्रस फ्रूट्स में अंगूर, संतरे, कीनू, नींबू आते हैं। हरी सब्जियों का सेवन अवश्य करें। यदि आप इन्हें नहीं खाते हैं तो आपके भीतर से जस्ता, आयरन, तांबा, फोलिक एसिड, विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन सी की कमी हो जाती है। विटामिन सी युक्त चीजे खाने से इम्युनिटी पॉवर बढ़ती है ये सभी आपकी इम्युनिटी को स्ट्रॉन्ग रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं । वैसे तो प्रायः प्रायः सभी हरी सब्जियों का सेवन हमारे लिए स्वास्थ्यवर्धक होता है पर कुछ ऐसे सब्जी भी हैं जो विशेषकर हमारी इम्म्युनिटी को बूस्ट करता है । हम आपको सब्जियों के मामले में चूजी नहीं बनाना चाहते बल्कि हम तो यही कहेंगे कि सीजनल हरी सब्जियों को जीवन शैली में शामिल करें इससे आपको बेहद फायदा होगा ।
सात्विक भोजन और तामसिक भोजन क्या है, इसके शरीर पर क्या प्रभाव हैं?
हम जितना सात्विक होंगे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता उतनी विकसित होगी हम जितना तामसिक भोजन करेंगे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता उतनी कमजोर होगी, तामसिक भोजन में मांस भी आता है तो कोविद 19 संक्रमण के दौरान हमें नहीं लगता कि मांस खाना समझदारी की बात होगी क्योकि इससे संक्रमण के चान्सेस बढ़ेंगे क्योकि मांस कोविद 19 वायरस के फैलाव हेतु मीडिया का काम करेगा आज से दो दशक पूर्व की ही बात करें तो पहले के लोगों को किसी तरह की गंभीर बीमारियां नहीं हुवा करती थी क्योकि पहले गांव में सभी के घरों में खेतों से ताजा चीजे खाने को मिल जाती थी सीजनल फल सब्जियों का भरमार था नैचुरल चीजे खाकर लोग स्वास्थ्य रहते थे पर आज लोग जो खाना खा रहे हैं उसमें पहला तो विभिन्न तरह के सिंथेटिक खाद का उपयोग हो रहा है जिससे फल सब्जी भले ही दिखने में बड़े बड़े हो पर उनमे वह न्यूट्रिशन पोषक तत्व की मात्रा कम होती है क्योकि उन फल सब्जियों को जबरन केमिकल से पकाया जा रहा है बड़ा किया जा रहा है । और प्राकृतिक तौर पर हुवे विकास और जबरन के करवाये गए विकास में जमीन आसमान का अंतर होता है आज हम देखे सब्जियां आकर में दिखने में भले ही बड़ी बड़ी नजर आएंगी पर उनमे वह ताकत नहीं जो प्राकृतिक तौर पर उगे सब्जियों में होंगी आज जो बाजार में आम देख रहे होंगे जिसमे ना खुश्बू मिलेगी ना वह आम का टेस्ट क्योकि सब सिंथेटिक केमिकल से जबरन का पकाया जा रहा है और नैचुरल तरीके से पके फल और जबरन तरीके से पकाए गए फल में जमीन आसमान का अंतर है उसके स्वाद में भी और न्यूट्रिशन में भी फर्क हो जाता है । सात्विक भोजन का प्रभाव सीधा मन पर पड़ता है और मन सर्वश्रेष्ठ विचार उत्तपन्न करता है । वहीं तामसिक भोजन का प्रभाव भी मन पर पड़ता है और मन नेगेटिव विचार उत्तपन्न करने हेतु प्रेरित करता है ।
नियमित योगा, एक्सरसाइज, रनिंग, जिम, मैडिटेशन, साइकिलिंग इत्यादि स्वास्थ्यप्रद चीजों को दिनचर्या में करें शामिल
मैडिटेशन से मन को मजबूती मिलती है और कोविद 19 के दौरान जीवन मे आई विपरीत परिस्थितियों से लड़ने के लिए राजयोगा मेडिटेशन करने की अत्यंत ही आवस्यकता है । क्योकि मन का प्रभाव हमारे शरीर के हर सेल तक पड़ता है इसलिए जब हम कोई मेडिसिन लेते हैं तो डॉक्टर पर विस्वास व मेडिसिन पर विश्वास होने से जब हमारा मन उसे एक्सेप्ट करता है तब उसका प्रभाव अच्छे से होता है वहीं अगर हम कोई मेडिसिन अविश्वास के साथ खाएं तो अगर हमारा मन उसे एक्सेप्ट नहीं कर रहा होगा तो मेडिसिन का प्रभाव शरीर पर कम हो जाएगा क्योकि जैसा मन वैसा तन कहा भी जाता है मन का प्रभाव तन पर तन का प्रभाव मन पर पड़ता ही है, वहीं लोगो को अपने आप को फिट रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज करने की जरूरत है । इससे भोजन का मेटाबोलिज्म अच्छे से होगा और भोजन से उत्तपन्न ऊर्जा का यूटिलाइजेशन भी अच्छे से होगा और शरीर के हर सेल तक ऑक्सीजन पहुंचेगा ब्लड के माध्यम से न्यूट्रिशन पहुंचेगा, आप नियमित दौड़ लगाकर दिल को स्वास्थ्य रह सकते हैं अगर दिल स्वस्थ्य रहेगा तो हर अंगों तक रक्त के माध्यम से न्यूट्रिशन अच्छे से पहुंचेगा इसके अलावा योगा करके आप सुबह की वायु अपने अंदर लेकर फेफड़ों को हेल्थी कर सकते हैं अगर फेफड़ा हेल्थी रहेगा तो शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन अच्छे से पहुंचेगा, योगा के विभिन्न स्टेप्स से शरीर को फिट रखा जा सकता है । जिम करने से शारीरिक व्यायाम होता है जिसे खाये हुवे भोज्य पदार्थों से मिले एनर्जी का यूटिलाइजेशन होता है और शरीर स्वस्थ्य निरोगी बनता है इस तरह से शारीरिक व्यायाम चाहे वह जिम हो, योगा हो, रनिंग हो साइकिलिंग हो किसी भी तरह का शारीरिक व्यायाम हमारे शरीर को स्वस्थ्य बनाये रखने में लाभप्रद होता है ।
इम्यून पॉवर को बूस्ट करने के लिए कौन से आयुर्वेदिक उपाय अपनाने चाहिए
कुदरत ने हमे जो शरीर दिया है वह पंच तत्वों से मिलकर बना है जिसको स्वस्थ्य रखने के लिए हमें शरीर में पंच तत्वों के संतुलन को बनाये रखने की अत्यंत की आवश्यकता होती है । कुदरत द्वारा प्रदत्त इस शरीर को स्वस्थ्य रखने की जिम्मेदारी हमारी होती है । उसे स्वास्थ्य रखने हेतु जरूरत की चीजें फल, सब्जी आयुर्वेदिक चीजे प्राकृतिक तौर पर हमारे इर्द गिर्द उपलब्ध रहती हैं । कोविद काल के बाद लोगो का विस्वास एलोपैथिक से कम हुवा है । इसमें कोई दो राय नहीं वहीं भारत की प्राकृतिक चीजों पर लोगो का विश्वास बड़ा है इस दौरान लोगो ने जमकर काढा का सेवन किया, गिलोय जूस का सेवन किया, एलोवेरा जूस का सेवन किया आंवला जूस का सेवन किया तो हमें भी इन नैचुरल सोर्सेज से प्राप्त चीजें जो हमारी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं इन चीजों का सुबह सुबह खाली पेट सेवन करना चाहिए वैसे तो सुबह सुबह एलोवेरा, गिलोय, आंवला, करेला के जूस को मिक्स कर पीना या अलग अलग पीना अगर प्रतिदिन इन जूस को खाली पेट लिया जाए तो रोग प्रतिरोधक क्षमता में अभूतपूर्व विकास नजर आएगा क्योकि करेला गिलोय एलोवेरा आंवला इन सभी चीजों से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है वहीं आयुर्वेदिक काढा पीना भी हमारे स्वास्थ्य के लिए इस दौरान लाभ प्रद रहता है । प्रायः लोग मॉर्निंग वॉक पर निकल ही रहे हैं उस दौरान अगर इन चीजों का खाली पेट कुनकुने पानी के साथ सेवन करने से उसके उपरांत मॉर्निंग वॉक, जिम, या एक्सरसाइज करने से यह हमारे इंटेस्टाइन से अब्सॉर्ब होकर ब्लड के साथ शरीर के सभी कोशिकाओं तक पहुंच जाते हैं । और हर सेल को बीमारियों से लड़ने में शक्ति प्रदान करते हैं । आजकल लोग सब्जी के मामले में भी चूजी हो गए हैं ऐसे में सब्जियों के मिक्स जूस का सेवन हमारे लिए फायदेमंद रहेगा क्योकि सब्जियों को पकाने से उनके पोषक तत्वों में गिरावट होती है अगर प्रकृति से प्राप्त चीजों को वैसा ही खाया जाए जैसा प्रकृति ने दिया है तो उसमें न्यूट्रिशन प्रचुर मात्रा में होता है । इसलिय हमने कहा कि सब्जियों के मिक्स जूस को प्राथमिकता देना अत्यंत लाभप्रद रहेगा
निर्भयता के गुण का इस विपरीत परिस्थिति में कैसे करें सदुपयोग
डॉ संजय गुप्ता ने जन जन से गुजारिश की है कि भारत सरकार द्वारा जारी कोविद 19 के लिए गाइड लाइन्स का दृढ़ता से पालन करें दो गज दूरी और मास्क पहनना, हैंड सेनेटाइज करना इत्यादि नियमों का नियमित रूप से अमल करते रहें इससे संक्रमण को रोकने में अपने साथ साथ समाज व देश को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएं, हमें कोविद 19 से लड़ना है तो लड़ने हेतु सबसे जरूरी गुण निर्भयता को जीवन मे लाना होगा समझदारी और निर्भयता के साथ परिस्थिति का सामना करें अब तक लोगो के व्यक्तिगत जीवन में परिस्थितियां खराब आया करती थी अबकी बार विश्व स्तर पर खराब परिस्थिति आयी है जिसका सामना हम सबको निर्भयता से करना है । अगर आपकी आयु 45 वर्ष से अधिक है तो बिना देर किए नजदीकी टीकाकरण केंद्र में जाकर टिका लगवाएं, समाज मे फैली विभिन्न तरह की गलत भ्रांतियों के चक्कर मे ना आते हुए समय पर टिका लगवाएं। अगर आपको सर्दी खासी या तेज बुखार है तो नजदीकी डॉक्टर से दिखलाए उसे छुपाए नहीं इस कोविद 19 से लड़ने के लिए सबको साथ देने की जरूरत है अगर सब साथ देंगे और एक नहीं तो भी इस तरह से हम यह जंग हार जाएंगे इसलिये अपने आसपास के लोगो को भी जागरूक करें सामाजिक संगठनों से भी अपील है कि सामाजिक जागरूकता में अपना सहयोग प्रदान करें साथ ही राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं से भी अपील है कि ऐसे वक्त पर मिलजुलकर देश को कोविद 19 से प्रोटेक्ट रखने में अपना योगदान देवें नाकि आपस मे एकदूसरे को कलंकित करने के चक्कर में सामाजिक वातावरण खराब करें । देशवासी वैसे ही वैश्विक महामारी से जूझ रहे हैं । इस दौरान सबका आत्मविश्वास जगाने में अपनी शक्ति लगाएं नाकि देशवासी को भटकाने में अपनी ऊर्जा व्यर्थ गंवाए, इसके साथ ही सबसे स्वास्थ्यवर्धक जीवन शैली अपनाने की सलाह देते हैं लोगो को सात्विक खाना खाने को प्रेरित करते हैं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं कि कोरोना का टीका लगवाने के बाद आपको कोरोना नही होगा इसलिये अपने आप को अंदर से शक्तिशाली बनाएं दरलसल कोरोना के टीके जब हमें लगते हैं तो उसमें बहोत ही कम मात्रा में वायरस की शक्ति को कम करके हमारे शरीर मे प्रवेश करवाया जाता है जिससे हमारे शरीर मे उस वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीबाडी डेवेलोप हो जाता है फिर जब पुनः कोरोना वायरस बाहर से हमारे शरीर मे प्रवेश करेगा तब हमारे शरीर का एंटीबाडी सेल उससे लड़कर जीत जाएगा और हम पर कोरोना वायरस का प्रभाव नहीं पड़ेगा पर यह भी सम्भव है कि हमारे शरीर मे डेवेलोप एंटीबाडी की शक्ति उतनी ना हो जो बाहर से आये कोरोना संक्रमण से लड़कर जीत सके ऐसी स्थिति में वैक्सीन लगवाने के बावजूद संक्रमण के चान्सेस बने रहते हैं इसलिए प्राकृतिक तौर पर फल, सब्जी, आयुर्वेद को जीवन शैली में शामिल कर स्वस्थ्य रहना ही समझदारी है साथ ही जिम, एक्सरसाइज, जॉगिंग, मॉर्निंग वॉक, रनिंग इत्यादि भी जीवन शैली में शामिल करें हम सब यह जंग जीतेंगे कोरोना हारेगा सब के सहयोग से ही यह सम्भव है ।







Comments are closed.