माँ महिमा तेरी अपरम्पार
करती है तू दुष्टों का संहार
माँ, आज त्रस्त, तेरा संसार
कोरोना ने मचाया हाहाकार
दिखा भवानी ,फिर चमत्कार
माँ महिमा तेरी अपरम्पार!
जग जननी तू मात भवानी ,
महिमा तेरी इस जग ने मानी
माँ तुमसा बोलो है कौन वरदानी
भर देती तुम घर संसार !
माँ महिमा तेरी अपरम्पार!

बच्चों संग तुम लाड़ लड़ाती
दुष्ट खातिर चंडी बन जाती
धवल श्वेत रूप धर माँ तुम
सरस्वती बन बुद्धिज्ञान बढ़ाती
नमन माँ तुम्हें बारम्बार
माँ महिमा तेरी अपरम्पार
तुमसे जन्म लेते हैं हम सब ,
तुममें ही मिल जाते हैं ,
समय का पहिया घूमे तुझमे ,
तुझमे बसा हुआ संसार
माँ महिमा तेरी अपरम्पार
माँ पार्वती में जीवन है बसता
माँ लक्ष्मी से घर सबका चलता
मनुज स्वाभाव को निर्मल करने ,
कल कल बहती माँ गंगा की धार
माँ महिमा तेरी अपरम्पार
इंजी.रमाकान्त श्रीवास







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