

राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ के मशहूर लोक कलाकार और रंगकर्मी दीपक विराट का शुक्रवार देर शाम को निधन हो गया। लोक कला नाचा के मंझे हुए कलाकार विराट ने थियेटर के जरिये अपनी विशिष्ट कला से 80-90 के दशक में काफी सुर्खियां बंटोरी।
थियेटर के चर्चित शख्सियत हबीब तनवीर के निर्देशन में चरणदास चोर में स्व. दीपक विराट ने चोर की भूमिका अदा की। इस भूमिका को लोगों से काफी वाहवाही मिली। इसके बाद उन्होंने सफलता के नए आयाम तय किए। बिलासपुर में पैदा हुए स्व. दीपक विराट ने राजनांदगांव को कर्मक्षेत्र बनाया और यहीं से उन्होंने थियेटर में नियमित तौर पर काम करना जारी रखा।
स्थानीय ममता नगर में रहते हुए स्व. विराट लकवाग्रस्त हो गए थे। वह करीब 10 सालों से बिस्तर में थे। हाल ही के महीनों में उनके सुपुत्र सूरज विराट की असामायिक मृत्यु हो गई। बेटे के गुजर जाने से वह काफी टूट गए थे। साल 2019 में कला के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने संगीत नाटक अकादमी अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया। मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें सम्मानित किया। स्व. विराट ने चरणदास चोर के अलावा लाला शोहरत राय, लौहार नहीं देखा, आगरा बाजार और हिरमा की अमर कहानी जैसे नाटक में सशक्त भूमिका अदा की।







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