
बिलासपुर। जिले के सरकंडा मुक्तिधाम में शवों के दाह संस्कार के लिए टोकन सिस्टम लागू कर दिया है। जिसके बाद अब मृतक के परिजनों को मुक्तिधाम में टोकन नंबर दिया जाता है जिसमें शेड का नंबर लिखा रहता है।
दरअसल पिछले दिनों शहर के सबसे बड़े मुक्तिधाम में शेड के लिए विवाद हो गया था। इसके बाद से टोकन सिस्टम लागू कर दिया है। पिछले दिनों एक व्यक्ति शेड के पास लकड़ी रखकर गया था और दूसरे ने उस शेड में शव को जला दिया जिसके कारण विवाद हो गया था। इसलिए अब यहां टोकन सिस्टम लागू कर दिया गया है।
वहीं बीते दिनों तिफरा निवासी एक व्यक्ति के पिता के शव को बदल के उसकी जगह एक महिला का शव दे दिया गया था जिसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था। युवक ने सिम्स प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत भी की थी। इसके बाद सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन ने बताया शव की पहचान करने के लिए टोकन सिस्टम शुरू किया है। कोरोना से मरने वालों के शव के ऊपर एक कागज में मृतक का नाम, पिता का नाम गांव का नाम लिखा होता है जिसको मृतक के परिजन को दिखाया जाता हैं। मृतक के परिजनो के सहमति दी जाती है कि यही शव उनके परिजनों का ही है इसके बाद शव को मुक्तिधाम भेजा जाता है।






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