
नितिश कुमार जी बिहार में लगभग पंन्दरह वर्षो से मुख्यमंत्री हैं लगातार चुनावों में जीत हासील करने वाले नितिश कुमार जी को शायद ही किसी चुनाव में इतना विरोध झेला हो कुछ अजिब विडंबना है कुछ लोग एनडीए में भी और एनडीए के घटक दल नितिश कुमार की पार्टी जनता दल युनाईटेड का विरोध भी कर रहे हैं।
सन् 2020 के चुनाव में कुछ अलग रंग दिख रहे हैं जो पहले के चुनाव में शायद ही भारत के किसी राज्य के चुनावों में नही देखा गया होगा |
चिराग़ पासवान की लोक जन शक्ति पार्टी आज भी केन्द्र में भाजपा का समर्थन करती है, स्वर्गीय राम विलास पासवान अपने अंतिम सांस तक केन्द्र में मंञी बने रहे उनके जिवन काल में ही चिराग़ पासवान ने एनडीए के घटक दल जनता दल युनाईटेड के खिलाफ सभी एक सौ बाईस स्थानों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी थी पर भाजपा ने रामविलास पासवान को मंत्रीमंडल से नही हठाया और नही एनडीए गठबंधन से निकाने की घोषणा किया ? कूल मिलाकर लोक जन शक्ति पार्टी , बिहार में एनडीए गठबंधन के एक मुख्य दल जनता दल युनाईटेड के खिलाफ भी चुनाव लड़ रही है और दूसरी ओर जो एक सौ ईक्कीस स्थानों पर जहाँ से भाजपा चुनाव लड़ रही है वहाँ पर भाजपा का समर्थन भी कर रही है और भाजपा को वोट करने की अपील भी कर रही है , मतलब लोक जन शक्ति पार्टी एनडीए गठबंधन के खिलाफ भी है और एनडीए मुख्य घटक दल भाजपा का समर्थन भी कर रही है |
दूसरी ओर उपेन्द्र प्रसाद कुशवाहा जो एक समय यूपीए यानि महागठबंधन में शामिल थे ठीक चुनाव से पूर्व महागठबंधन से अलग होकर असददूनिन ओवैसी के एआईएएम के साथ मिलाकर एक और गठबंधन खड़ा कर लिया है जो भाजपा विरोधी वोटरों का बटवारा कर रहे हैं | यहाँ एक तीसरा दल भी है उसके नेता पप्पु यादव हैं जो पिछले कई वर्षो से बिहार की राजनीति में बहुत सक्रिय रहे हैं उनके उम्मीदवार भी राजद यानि तेजस्वी यादव के वोट बैंक में बटवारा करने की कोशिश में लगे हैं | यदि हम ज़मिनि हकिकत को टटोलने की कोशिश करते हैं तो बिहार में इस बार बदलाव की सोच जनता में देखी जारही पर एनडीए विरोधी वोट बटवारे के कारण भाजपा को लाभ मिल सकता है, वहीं इस बात की भी आशंका जताई जा रही है की नितिश कुमार की पार्टी जनता दल युनाईटेड के समर्थकों का वोट भाजपा को तो मिल रहा है पर भाजपा समर्थक वोटरों का एक बड़ा धरा नितिश कुमार को वोट नही करने का मन बना चुका है, वहीं कुछ भाजपा कार्यकर्ता मुखर होकर यह बात कहते हैं पांच वर्षो पूर्व एनडीए छोड़कर धोखा देकर यूपीए में गए थे नितिश कुमार जी एक बार फिर एनडीए गठबंधन के साथ मिलाकर वोट मांग रहे तो पिछली गलती की सज़ा तो हम देंगे ही| वहीं शराबबंदी के कारण शराब व्यापारियों और शराब करोबार से जोड़े लोग जिन्हे शराबबंदी के कारण जो घाटा हुआ वह लोग भी नितिश कुमार का पूरजोर विरोध कर रहे हैं, दूसरी ओर लाक डाउन में जो मज़दूर अन्य राज्य से बिहार वापस आने में जो कष्ट झेली वह लोग भी खुलकर भाजपा और नितिश कुमार का विरोध कर रहे वहीं लाक डाउन के तुरंत बाद बाढ़ आने से सरकारी मिशनरी बहुत लोगों में राहत सामग्री पहुंचाने की समुचित व्यवस्था नही कर पाई ऐसे लोग जिन्हे बाढ़ में कोई राहत नही मिल पाई वह लोग भी खुलकर एनडीए का विरोध कर रहे हैं। वहीं भाजपा मोदी जी की आयुषमान भारत योजना , उजवला योजना , स्वच्छ भारत योजना , राम मंदिर , धारा 370 हटाने इत्यादी की बात याद दिलाकर वोट मांग रही है अब फैसला बिहार की जनता को करनी है वह किसका साथ देती है।







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