मीडिया कर्मियों के पूछने पर कहा कि मैं कोई जानकारी नही दूँगा।
मरीज के परिजनों के बिल को लेकर जानकारी मांगने पर किया दुर्व्यवहार। मरीजों से कर रहे लाखों की रकम वसूली
रायपुर। राजधानी रायपुर के बालाजी हॉस्पिटल टिकरापारा सिद्धार्थ चौक स्थित हॉस्पिटल के डॉक्टर संतोष जाड़िया मरीज के परिजनों संग गुंडागर्दी कर रहे हैं। मामला यह है कि 18 सिंतबर को मरीज को एडमिट किया गया जिसमें इन्होंने मरीज को निमोनिया होने की बात कही तथा 23 सिंतबर को इन्होंने मरीज को कोविड-19 घोषित कर दिया तथा हॉस्पिटल एवं ये टेस्ट वो टेस्ट कहकर लंबी चौड़ी बिल मरीज के परिजनों को थमा दी। परिजनों को बिल की रकम दो लाख 45 हजार रुपए बताया गया इसपर उन्होंने जानना चाहा कि इतना बिल सिर्फ पांच से छः दिनों में कैसे बन गया।
मरीज के परिजनों ने जब डॉक्टर जाडिया से बिल से संबंधित शुल्क के बारे में जानना चाहा इसपर डॉक्टर जाडिया एका एक भड़क गए एवं मरीज के परिजनों संग दुर्व्यवहार करने लगे। डॉक्टर ने हॉस्पिटल के सुरक्षा कर्मियों से यह कहा कि इनको मार के भगाया जाए।
कुछ मीडिया कर्मियों को इस गड़बड़ी की खबर लगते ही वो बालाजी हॉस्पिटल मामले की जानकारी लेने पहुँचे तो डॉक्टर जाडिया ने मिलने से इनकार कर दिया तथा मीडिया कर्मियों ने जब फ़ोन पर उनसे इस मामले की जानकारी मांगी तो इस विषय मे बात करने से साफ इंकार कर दिया और कहा कि आप कौन होते हैं मुझसे पूछने वाले बिल के बारे में और मरीज के बारे में। तथा यह कहा कि मीडिया कर्मियों से बात करना मेरे लिए कोई औचित्य नही है कह कर फ़ोन काट दिया।
पीड़ित परिजनों ने जब मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करने की बात कही तो पहले डॉक्टर जाडिया ने डिस्चार्ज करने से भी मना किया लेकिन सीनियर डॉक्टर साहू के कहने पर मरीज को बाद में डिस्चार्ज किया।
शासन प्रशासन के बिल को लेकर इतने निर्देशो के बाद भी डॉक्टर इस प्रकार की लंबी चौड़ी बिल बना रहे हैं, ना ही इन्हें सरकार का डर है और ना ही इनमें मानवता बची है। इस प्रकार मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्यमंत्री के आदेश के बाद भी इन पर सरकार के निर्देशों का कोई भी डर नही है।
सवाल ये उठता है कि क्या मरीज एवं परिजनों का कोई हक नही डॉक्टरों से बिल के संबंध में पूछना। और अगर डॉक्टर गलत नही हैं तो सामने आकर बात करने में इतना डर कैसा और यह कहकर पल्ला झाड़ लेना की बात करने का कोई औचित्य नही है।
जबकि मीडिया कर्मियों ने बालाजी हॉस्पिटल पहुँच कर फ़ोन पर कहा कि आपसे कुछ जानकारी चाहिए और डॉक्टर ने हॉस्पिटल में रहने के बाद भी सामने आने से इनकार कर दिया और फ़ोन पर भी मीडिया कर्मियों से दुर्व्यवहार कर फ़ोन काट दिया।






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