
हाथरस की बहन मनीषा के साथ दर्दनाक व मानवता को शर्मसार करने वाली घटना हुई मनीषा को श्रद्धांजलि देते हुए और उसे इंसाफ दिलाने के लिए जमात ए इस्लामी हिंद कोरबा द्वारा घंटाघर में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया! जमात ए इस्लामी हिंद के क्षेत्रीय प्रभारी मोहम्मद वाहिद सिद्दीकी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार मनीषा के साथ बर्बरता पूर्ण घटना हुई और रात के अंधेरे में बिना माता – पिता को शामिल किए अंतिम संस्कार कर दिया गया उससे ऐसा प्रतीत होता है कि कि सरकार संविधान के अनुसार काम नहीं कर रही है! उन्होंने कहां कि जितनी जिम्मेदारी सरकार की है अपराधियों को सजा दिलवाने की है, उतनी ही जिम्मेदारी हमारी भी है कि हम अपने बच्चों को नैतिकता की शिक्षा दे! उन्होंने इस्लामी शिक्षाओं के बारे में बताया कि इस्लाम बलात्कारी को केवल कठोर सजा ही नहीं देता है जिससे की अपराधी अपराध करने से डरे बल्कि अन्य किसी भी व्यक्ति के मन में ऐसा जघन अपराध करने का विचार न आए साथ ही साथ समाज का निर्माण करने के लिए यह जरूरी है कि स्वयं व्यक्ति चरित्रवान हो! उन्होंने इस्लामिक शिक्षाओं को बताते हुए कहा कि कुरान में अल्लाह का हुक्म है कि “ मोमिन मर्दों से कह दो कि अपनी निगाहें नीची रखें और अपने गुप्तांगों की हिफाजत करें, यह उनके लिए ज्यादा पाकीजा तरीका है अल्लाह को उसकी पूरी खबर रहती है जो कुछ वह करते हैं!” (कुरान)
उन्होंने सरकार से मांग की, कि स्कूलों के पाठ्यक्रम नैतिकता विषय को में शामिल किया जाए एवं एक आयोग बनाया जाए जिसमें सभी धर्मों के धर्मावलंबी, सामाजिक व कानूनी विशेषज्ञों को शामिल किया जाए ताकि इस समस्या के मूल कारण व उसके समाधान पर विस्तार से चर्चा कर एक ऐसा कठोर कानून बनाया जाए !इस अवसर पर जमात ए इस्लामी हिंद कोरबा अध्यक्ष शमशेर आलम, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष दरकशा अंजुम, महिला प्रकोष्ठ की प्रांतीय सचिव सितारा अंजुम ने भी सभा को संबोधित किया इस अवसर पर मेहंदी हसन, डॉक्टर सरफराज, रेशमा परवीन, आमना खान, प्रतिभा श्याम कांति यादव, गौरव यादव, संतोष बौद्ध एवं बड़ी संख्या में सभी समाज के लोग उपस्थित थे!






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