
रायपुर/ बस आपरेटरों द्वारा बसेंं खड़ी करते ही सरकार सक्रिय हो गई । मंत्री अकबर ने आपरेटरों से मुलाकात की और हड़ताल वापस ले ली गई। यानी बुधवार से पुन: सड़क पर बसेंं दौड़ती नजर आएंगी| । मंत्री ने जल्द ही ऑपरेटरों के हक में फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
छत्तीसगढ़ में अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर बस सेवा ठप कर आंदोलन में गए बस संचालकों और सरकार के बीच सुलह हो गया है। बस संचालक डीजल-पेट्रोल के बढ़ती कीमतें और खाली खड़ी बसों से टैक्स नहीं लेने की मांग को लेकर आंदोलन पर गए थे। इस पर कुछ शर्तों पर सरकार और बस संचालकों के बीच सहमती बनी है।
बस संचालक इसी बात पर अड़े थे कि जब तक सरकार किराया बढ़ाने पर मंजूरी नहीं देती, बसें नहीं चलाई जाएंगी। इस पर मंत्री अकबर ने महासंघ के पदाधिकारियों से कहा है कि उनके हक में सरकार जल्द ही फैसला लेगी। इसके बाद बस मालिकों ने बुधवार सुबह से बस सेवा दोबारा शुरू करने का एलान किया।
सरकार से सहमति के बाद अब बस संचालक किराया बढ़ाएंगे। जाहिर है बोझ आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। किराया कितना बढ़ेगा ये फिलहाल तय नहीं है। लेकिन एक अनुमान के मुताबिक हर रूट पर 20 से 30 रुपए की बढ़ोतरी हो सकती है। इसे लेकर परिवहन विभाग के साथ एक और बैठक बस मालिक कर सकते हैं।







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