
कोरबा/ अंचल के वरिष्ठ साहित्यकार नरेशचंद्र नरेश का आज देहावसान हो गया। वयोवृद्ध लेखक श्री नरेश अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं साहित्य के संसार में उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी है देश की प्रतिष्ठित पत्रिका सारिका, गंगा, नवनीत आदि में उन्होंने कहानियां लिखी और बहुचर्चित हो गए। 80 के दशक में मध्यप्रदेश हिंदी साहित्य सम्मेलन ने उनके एक कहानी संग्रह पुस्तक भी प्रकाशित की थी जिसकी भी हिंदी साहित्य संसार में बड़ी चर्चा हुई। जमनी पाली मुक्तिधाम में श्री नरेश का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। जिसमें अनेक साहित्यिक विभूतियों और गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। आप लोक सदन के साहित्य संपादक भी रहे और साहित्यिक लेखन में नए प्रतिमान गढ़े। वरिष्ठ साहित्यकार। डाक्टर टी महादेव राव, राकेश श्रीवास्तव, ऋषभदेव पांडेय, रोहित राज, डॉ माणिक विश्वकर्मा, दिलीप अग्रवाल, मुकेश चतुर्वेदी, आशा आजाद घनश्याम तिवारी आदि ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।







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