कितना सुखद संयोग है आज की तारीख 2 और भारत में जन्मे लाल दो गांधी और शास्त्री एक ने अहिंसा का मार्ग दिखा अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजादी दिलाई तो दूसरे ने देश की बागडोर थाम देश को सशक्त बनाने का प्रयास किया गांधी ने जहां अछूतों को हरि का जन कहकर गले लगाया और समाज में एक स्थान दिलाया तो वही शास्त्री ने किसानों के महत्व को समझाते हुए समाज में उनकी एक पहचान बनाई और जय जवान जय किसान का नारा दिया इन दोनों ही महापुरुषों ने सादा जीवन उच्च विचार का पालन किया और अपना संपूर्ण जीवन गरीबों की सेवा में गुजार दिया मगर अफसोस दोनों ही को दुनिया समझ ना पाई और वे दोनो ही सामाजिक अशिक्षा का शिकार हुए, जहां एक ओर बापू को गोली मारी गई वहीं शास्त्री को ताशकंद समझौते के दौरान धोखे से मृत्यु मिली।
भारत के दो अनमोल रतन, जिसने लिया एक ही दिन जनम
ले विदा इस दुनिया से, कर गए करोड़ों आंखों को नम।

✍ डॉ ममता श्रीवास्तवा,सरूनाथ






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