
बिलासपुर / व्यवसायी बरसैया परिवार के ड्राइवर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने कार सवार 4 लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।
ज्ञात हो कि तखतपुर इलाके के मोछ निवासी गोवर्धन उर्फ केजऊ यादव (30 वर्ष) बरसैया ट्रेडर्स में पिछले 15 सालों से ड्राइवर था। बीते 5 फरवरी की रात करीब 10:00 बजे अमेरी चौक में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पता चला कि कार में बरसैया परिवार के स्वप्निल गुप्ता और सुरेश केडिया तथा उनके मित्र सौरभ शिंदे और युवती शोभा मधुकर सवार थी। पीछे बैठे के लोगों ने अमेरी चौक में उतरकर ड्राइवर को कार से खींच कर उतारा। उतरते ड्राइवर भागने लगा। इसके बाद की घटना फुटेज में नहीं दिख रही है।
बयानों के मुताबिक ये सभी लोग ड्राइवर को छोडक़र आगे बढ़ गए। पुलिस को दिए गए बयानों के मुताबिक करीब आधे घंटे बाद सुयश और सौरभ दोबारा आए तो देखा कि सडक़ पर पड़े केजऊ की मौत हो गई है। पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ड्राइवर के कान, सिर और शरीर के दूसरे हिस्सों में सांघातिक चोट पाई है।
करीब 20 दिन तक जांच और कार्रवाई का इंतजार करने के बाद ड्राइवर की पत्नी मीनाक्षी ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी कि सिविल लाइन थाने के टीआई परिवेश तिवारी इस मामले को दबा रहे हैं। उसके पति के शरीर में कई जगह चोट हैं। इसके बावजूद इसे हत्या का मामला नहीं माना जा रहा है। इसे देखकर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने एक चार सदस्यीय टीम सीएसपी संदीप पटेल के नेतृत्व में बनाई थी। इस रिपोर्ट के आधार पर गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्राइवर ने बहुत ज्यादा शराब पी रखी थी, इसके चलते वह कार नहीं चला पा रहा था। गाड़ी से इसीलिए उसे नीचे उतारा गया और ड्राइवर मारपीट के डर से भाग गया। वह आगे जाकर गिर गया लेकिन कार पर सवार चारों लोग वहां से कार में आगे बढ़ गए। इसलिए गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। धारा 325 इसलिए जोड़ी गई है क्योंकि गिरने से केजऊ को खुद से ही चोट लगी है। केजऊ के पोस्टमार्टम के बाद की फोटो आई है उसमें शर्ट और बनियान फटे हुए हैं। इसके बारे में पुलिस का कहना है कि उसे डॉक्टर ने पोस्टमार्टम के दौरान फाड़ा था।
हालांकि इस जांच रिपोर्ट में कई सवालों के जवाब अनुत्तरित रह गए हैं। गिरने से किसी एक जगह पर चोट आ सकती है लेकिन उसके शरीर में कई जगह चोट के निशान हैं, जो मारपीट लगती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि तेजऊ ने शराब नहीं पी रखी थी जबकि कार सवारों का कहना है कि वह नशे में धुत था और गाड़ी नहीं चला पा रहा था, इसलिए उसे कार से उतारा गया। कार से उतर कर ड्राइवर इतनी तेजी से क्यों भागा उसकी मौत हो गई इस बारे में कोई जिक्र जांच रिपोर्ट में नहीं है। सीएसपी का कहना है कि अभी जांच जारी है। और तथ्य सामने आने के बाद कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।








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