

3 साल से अटकी मनरेगा की मजदूरी, रोजगार सहायक और सरपंच पर गंभीर आरोप, जनपद उपाध्यक्ष बोले- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
कोरबा। करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत जोगीपाली से मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लूट-खसोट की सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों और रोजगार सहायक पर मजदूरी भुगतान में घोर लापरवाही और आवास योजना में रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप लगाया है।
3 साल से मजदूरी के लिए भटक रहा मजदूरगांव के सुरेश राठिया ने बताया कि उन्होंने तीन साल पहले मनरेगा के तहत गोदी निर्माण कार्य किया था। लेकिन आज तक उनके खाते में एक भी रुपया नहीं आया। सुरेश का कहना है, “बैंक खाते की बार-बार जांच कर चुका हूं, रोजगार सहायक इफरान खान, पूर्व सरपंच सुगुम सिंह मांझी और वर्तमान सरपंच से कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार केवल झूठे आश्वासन ही मिले। आखिर गरीब कब तक उम्मीद लगाकर बैठे?”
PM आवास योजना में भी खुली रिश्वतखोरीग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभ दिलाने के नाम पर 5000 से 10,000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कई लाभार्थियों ने बताया कि जब तक यह “सुविधा शुल्क” नहीं दिया जाता, तब तक आवास की किस्त रोक दी जाती है। यह पूरा खेल पंचायत स्तर पर लंबे समय से चल रहा है, जिससे गरीब परिवार दोहरी मार झेल रहे हैं।
जनपद उपाध्यक्ष ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनीमामले पर जनपद पंचायत करतला के उपाध्यक्ष मनोज झा ने कहा कि जोगीपाली से इस प्रकार की शिकायतें उन्हें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने बताया, “हमने शाखा प्रभारी को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। अगर किसी कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से की कड़ी कार्रवाई की मांगजोगीपाली के ग्रामीण अब प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि लंबित मजदूरी का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों व पंचायत पदाधिकारियों पर कठोर कार्रवाई हो। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से जन आंदोलन करेंगे।







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